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उलटे पांव लौट रहा है कच्चा तेल

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Last Updated- December 07, 2022 | 2:03 PM IST

एशियाई कारोबार में बुधवार को तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई। ऐसी संभावना है कि अमेरिकी ऊर्जा भंडार की आने वाली साप्ताहिक रिपोर्ट में कच्चे तेल की मांग में और कमी आने का अनुमान जताया जा सकता है।


न्यू यॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज में सितंबर में डिलीवर होने वाले लाइट स्वीट क्रूड के मुख्य अनुबंध में 42 सेंट की कमी देखी गई और यह 121.77 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। लंदन में ब्रेंट नॉर्थ सी क्रूड के सितंबर वाले सौदे की कीमत में 29 सेंट की गिरावट हुई और यह 122.42 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।

न्यू यॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज में मंगलवार को लाइट स्वीट क्रूड की कीमत 2.54 डॉलर घट कर 122.19 डॉलर प्रति बैरल हो गई थी। गौरतलब है कि 11 जुलाई को कच्चे तेल की कीमत 147 डॉलर प्रति बैरल के रेकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। तब से कच्चे तेल की कीमत में लगभग 25 डॉलर यानी 17 फीसदी की कमी हो चुकी है।

सिंगापुर की अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कंसल्टेंसी फर्म पुर्विन एंड गर्ट्ज के विक्टर शुम ने बताया कि डॉलर के लिहाज से यह बड़ी भारी गिरावट है। उन्होंने कहा कि डॉलर में आई मजबूती और विश्व के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता अमेरिका की ओर से तेल की मांग घटने से कच्चे तेल में इतनी तेज गिरावट आई है। डॉलर के मजबूत होने से कमजोर मुद्रा वाले खरीदारों के लिए कच्चा तेल ज्यादा महंगा हो जाता है।

शुम ने कहा कि तेल बाजार में मंदी के रुख से कुछ निवेशक अपना कोष तेल से निकाल कर कहीं और लगा रहे हैं। अमरिकी ऊर्जा विभाग बुधवार को अपने ऊर्जा भंडार की साप्ताहिक रिपोर्ट जारी करने वाली है। शुम ने कहा कि उनका खयाल है कि भंडार का आंकड़ा अमेरिकी मांग में कमी को प्रदर्शित करना जारी रखेगा। एमएफ ग्लोबल के एक विश्लेषक जॉन किल्डफ ने कहा कि बाजार उसी तरह से काम कर रहा है जैसा करना चाहिए। उनके अनुसार, कीमतों का बढ़ना मांग पर ब्रेक लगाने का काम करेगा।

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First Published - July 30, 2008 | 10:05 PM IST

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