स्कोडा ऑटो इंडिया साल 2026 में अपनी बिक्री में 10 से 12 प्रतिशत तक की वृद्धि की उम्मीद कर रही है। यह वृद्धि पिछले साल के इसके रिकॉर्ड प्रदर्शन से बने अधिक आधार के बावजूद विस्तृत यात्री वाहन बाजार से आगे रहेगी। कंपनी के ब्रांड निदेशक आशिष गुप्ता ने आज बिजनेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी। यह बात ऐसे समय में सामने आई है, जब पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष आपूर्ति श्रृंखलाओं और मांग के मनोबल को प्रभावित कर रहा है।
गुप्ता ने कहा, ‘अब तक हमारे उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है लेकिन जैसे-जैसे स्थिति रोजाना लंबी होती जा रही, इससे डीलरों को खेप भेजने में देरी के लिहाज से जोखिम बढ़ेगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें उपभोक्ताओं के मनोबल पर भी दबाव डाल सकती हैं। उन्होंने ऊर्जा उपलब्धता और लॉजिस्टिक में रुकावट को प्रमुख चिंता बताया, अगर संकट जारी रहता है। उन्होंने कहा कि अगर कलपुर्जों की ढुलाई जहाज के बजाय हवाई मार्ग से करनी पड़ती है, तो इससे लागत बढ़ सकती है।
स्कोडा ऑटो इंडिया ने साल 2025 में रिकॉर्ड दर्ज किया और उसकी बिक्री साल 2024 के 35,166 की तुलना में दोगुनी से भी अधिक बढ़कर 72,665 हो गई। इसकी मुख्य वजह 4 मीटर से छोटी एसयूवी कायलाक की जोरदार मांग थी। गुप्ता ने स्वीकार किया कि इतनी तेज वृद्धि को बनाए रखना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा, ‘पिछला साल हमारे लिए लगभग 100% वृद्धि के साथ एक ब्लॉकबस्टर वर्ष था… मुझे पता है कि उस तरह की वृद्धि बनाए रखना संभव नहीं है,‘ हालांकि उन्होंने उद्योग की वृद्धि से आगे रहने के कंपनी के लक्ष्य को दोहराया।