लेखक : आदिति फडणीस

आज का अखबार, लेख

हिमाचल में 2027 की चुनावी बिसात: खस्ताहाल खजाना और गुटबाजी के बीच सुक्खू सरकार की बढ़ी बेचैनी

हिमाचल प्रदेश में विधान सभा चुनाव नवंबर 2027 में होने हैं लेकिन उसकी बेचैनी पहले ही महसूस की जा सकती है। धर्मशाला के एक स्थानीय पत्रकार कहते हैं, ‘अगर नेतृत्व में बदलाव होता है तो कांग्रेस दो अंकों में पहुंच सकती है वरना तो अगर वह 10 सीटें भी हासिल कर ले तो खुशकिस्मती होगी।’ […]

आज का अखबार, लेख

जातिगत समीकरणों में बदलाव! UP में फिर गरमाई ब्राह्मण पहचान की राजनीति, SP-BJP में शह-मात का खेल शुरू

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विपक्षी दलों के घेरे को मजबूती से तोड़ते हुए उन्हें कमजोर करती जा रही है। ऐसे में कई लोगों का अनुमान है कि तृणमूल कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना समूह के पतन के बाद, अब समाजवादी पार्टी (सपा) की बारी है। उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव अगले […]

आज का अखबार, लेख

परीक्षा विवादों के चक्रव्यूह में घिरे धर्मेंद्र प्रधान, मुश्किलों से नहीं छूट रहा पीछा

शिक्षा मंत्रालय अपने आप में किसी विशाल साम्राज्य से कम नहीं है। स्वायत्त कहलाने वाला केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) शिक्षा मंत्रालय की निगरानी में काम करता है। सीबीएसई के तहत 26 देशों में 25,000 से अधिक स्कूल और 40 लाख छात्र (कक्षा 10वीं और 12वीं) आते हैं। उच्च शिक्षा विभाग 57 केंद्रीय विश्वविद्यालयों, कुल […]

आज का अखबार, लेख

गुटबाजी, अल्पसंख्यक और आर्थिक संकट: मुख्यमंत्री तो बन गए सतीशन, लेकिन सामने चुनौतियों का पहाड़

केरल में हाल ही में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार का नेतृत्व संभालने वाले मुख्यमंत्री वडश्शेरी दामोदर मेनन सतीशन, वीडी नाम से लोकप्रिय हैं। सतीशन कांग्रेस के उन गिने-चुने नेताओं में से एक हैं जो किसी गुट से नहीं जुड़े हैं।  केरल कांग्रेस में यह इस मायने में एक विरोधाभास है […]

आज का अखबार, लेख

कैसे ममता से दूर हुए शुभेंदु अधिकारी? TMC से BJP तक की पूरी राजनीतिक कहानी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार में शुभेंदु अधिकारी के एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने की तैयारी के बीच ममता बनर्जी के कई समर्थकों को कुछ साल पहले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की कैबिनेट बैठक में हुई एक बातचीत को याद करना चाहिए। ममता ने अचानक हंगामा किया और उठकर बैठक से […]

आज का अखबार, भारत, राजनीति

Assembly Election Result 2026: पांचों राज्यों में कई दिग्गज गिरे तो उभर कर आए कई नए चेहरे

यह वाकया वर्ष 1990 का है जब पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा सत्ता में था और कोलकाता में पुलिस की गोलीबारी में तीन लोगों की मौत के बाद तनाव का माहौल था। इस घटना के बाद बंद का आह्वान किया गया था। ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता के हाजरा इलाके में कांग्रेस पार्टी के एक मार्च […]

आज का अखबार, लेख

आंध्र प्रदेश में भाजपा की राजनीतिक उलझन: गठबंधन की मजबूरी और स्वतंत्र पहचान बनाने की चुनौती

आंध्र प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को कई रास्ते नजर आ रहे हैं मगर चुनौती यह है कि वह किस ओर कदम बढ़ाए। राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में एक मुखर सहयोगी दल साबित हुआ है। मतदाता सूचियों की विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) की […]

आज का अखबार, लेख

​पाकिस्तान की मध्यस्थता लेकिन असली खेल तो मुनीर का है!

खबरों में कहा जा रहा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इशाक डार अपने देश के सहयोगियों को एकजुट करने और ईरान तथा अमेरिका को स्थायी रूप से युद्ध विराम के लिए राजी करने के वास्ते लगातार टेलीफोन पर बातचीत कर रहे हैं। लेकिन इन वार्ताओं में असली ताकत निस्संदेह फील्ड […]

अन्य समाचार, आज का अखबार, लेख

पुदुच्चेरी की सियासत में छोटे दलों की अहमियत, बदल सकते हैं पूरा समीकरण

पुदुच्चेरी को 1962 में केंद्र शासित क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद कई दशकों तक उसकी राजनीति को उसके पड़ोसी राज्य तमिलनाडु की राजनीति की नकल माना जाता रहा। यह कुछ हद तक नकल थी भी और नहीं भी। दोनों क्षेत्रों के औपनिवेशिक शासक अलग-अलग थे: तमिलनाडु (तत्कालीन मद्रास प्रांत) में ब्रिटिश और पुदुच्चेरी में […]

आज का अखबार, लेख

नीतीश के बिना बिहार: भाजपा जदयू के रंग में रंगेगी या जदयू भाजपा के रंग में

बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक दलित विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ईमानदारी के कसीदे पढ़ते हुए कहते हैं, ‘मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता हूं। नीतीश हमारे संगठन से नहीं जुड़े हैं लेकिन त्याग, ईमानदारी और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण के मामले में उन्होंने हममें से कई लोगों को […]