मुलायम ने कहा, नेहरूजी ने चीन पर काफी विश्वास कर लिया था। उस समय वहां के प्रधानमंत्री का भारत में भव्य स्वागत किया गया था लेकिन पड़ोसी देश के उसी प्रधानमंत्री के समय साल 1962 में हमला किया गया और देश के बड़े भूभाग पर कब्जा कर लिया गया।
राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा लिखित पुस्तक द्रोहकाल के पथिक के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख ने कहा, सीमा पर गंभीर समस्या है, हाल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कुछ प्रयास किये है और पड़ोसी देशों से बातचीत की है। लेकिन हमें सावधान रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, हम चीन पर विश्वास नहीं कर सकते। हाल में भी हमारे क्षेत्र में चीन ने शिविर लगा लिया था।
कांग्रेस पर परोक्ष निशाना साधते हुए मुलायम ने कहा कि हमारी सीमा पर हमारे जवानों के सिर काट लिये जाते हैं। इस विषय को देखना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, देश की सुरक्षा और विदेश नीति पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान देश होने के बावजूद भूख के कारण लोगों की मौत की खबरें आ रही हैं। यह चिंता का विषय है।