यहां वल्र्ड एग्रीकल्चर फोरम कांग्रेस 2013 में कृषि के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के विकास पर गोलमेज सम्मेलन में फिक्की के सह..अध्यक्ष जे ए चौधरी ने कहा कि मोबाइल फोन के रूप में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग ने पहले ही किसानों को लाभ पहुंचाया है।
उन्होंने पिछड़े अनंतपुर जिले के एक किसान का उदाहरण दिया जो अपनी फसल की तस्वीर लेकर विशेषग्यों से संपर्क किया करता था इसके अलावा हैदराबाद में एक अन्य किसान वेब आधारित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया करता था।
टेक महिन्द्रा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वी श्रीनिवास राव ने कहा कि अगर किसान समूहों में संगठित हो जायें तो वे लाभान्वित हो सकते हैं और उनके बीच कंप्यूटर की साक्षरता फैलायी जाये ताकि वे इंटरनेट का उपयोग कर सकें।
उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषा में सूचनायें देना काफी उपयोगी साबित होगा।
भाषा राजेश महावीर