कोटा रेंज के आईजी अमृत कलश एवं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विकास पाठक ने संयुक्त रुप से पत्रकारों को बताया कि दो माह पूर्व मोडक थाना क्षेत्र से गुजर रही अमझार नदी में से भगवान विष्णु की गरुड़ पर सवार प्रतिमा मिली थी। पुरातत्वविदों ने इस प्रतिमा को लगभग 500 वर्ष पुराना माना था । अमझार नदी के निकटवर्ती मानपुरा गांव के लोगांे ने इस प्रतिमा को स्थापित करने के लिए मंदिर बनाने का निण्र्याय लिया था । वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इस प्रतिमा को गांव के ही एक मंदिर में स्थापित कर दिया गया । गत 23 सितंबर की रात्रि उक्त मंदिर में दो लोग आकर ठहरे । राित्र को लगभग 9 बजे इन दोनेां व्यक्तियों के दो साथी और आए । इन चारों ने मंदिर के पुजारी सदानंद के साथ निर्ममतापूर्वक मारपीट की और उसे कमरे में बंद कर दिया ।
चारौं हमलावर भगवान विष्णु की प्रतिमा को अपने साथ ले गए । मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने एडिशनल एसपी ग्रामीण हनुमान प्रसाद एवं रामगंजमंडी क्षेत्राधिकारी प्रवीण जैन के नेतृत्व में विशेष दल का गठन किया गया । आईजी अमृत कलश ने बताया कि इस प्रकरण में झालावाड जिले के अकलेरा थाना क्षेत्र निवासी भंवरलाल व जीतमल एवं जावर थानाक्षेत्र निवासी चांदमाल व रमेशचंद मीणा को गिरफ्तार किया गया है । उनसे गहन पूछताछ की जा रही है ।