सिंह ने अपने गृहनगर राघवगढ में संवाददाताओं से चर्चा करते हएु केजरीवाल से जानना चाहा कि उनके आवास नामक उस संस्था से क्या संबंध हैं, जो लीबिया, सीरिया, ट्यूनीशिया में .सिविल डिसओइबिएंट मूवमंेट, से जुडी है और इसको लेकर दिल्ली को तहरीर चौक बनाने के पूर्व के उनके कथन का आशय क्या था।
उन्होने कहा कि केजरीवाल सभी को नियम एवं कायदे बताते नहीं थकते लेकिन अब उन्हें बताना चाहिये कि वर्ष 1992 में शासकीय सेवा में आने तथा तीन वर्ष में तबादला होने के नियम उन पर लागू क्यों नहीं हो पाया और तथा वह स्वंय और उनकी पत्नी लगातार दिल्ली में एक साथ सेवा कैसे करते रहे।
उन्होने कहा कि केजरीवाल ने वर्ष 2002 में स्टडी-लीव ली थी। उस दौरान उन्हें एक रिपोर्ट बनाकर सरकार के पास प्रस्तुत करनी थी लेकिन अंतरिम रिपोर्ट देने के बाद अंतिम रिपोर्ट देने के नियम का पालन उन्होने क्यों नहीं किया। उन्होने कहा कि केजरीवाल का शासकीय सेवा में रहते हुए जब चंडीगढ स्थानांतरण हुआ तो उन्होने शासकीय आदेश मानने के नियम का पालन क्यों नहीं किया।
जारी .भाषा. सं सिन्हा कवीन्द्र