कृषि मंत्री शरद पवार ने आज कहा कि चालू खरीफ सत्र के दौरान चावल का उत्पादन अपर्याप्त बरसात के कारण पिछले वर्ष के मुकाबले कम रहने की उम्मीद है।
फसल वर्ष 2011..12 :जुलाई से जून: के खरीफ में चावल उत्पादन रिकार्ड नौ करोड़ 15.3 लाख टन था।
पवार ने पीटीआई को बताया, ै पिछले वर्ष कर खरीफ चावल उत्पादन असामान्य रूप से अच्छा था। संभवत: हम पिछले वर्ष के स्तर को हासिल नहीं कर पायेंगे लेकिन निश्चित तौर पर यह अखिल भारतीय औसत से बेहतर होगा। ै
कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार चावल उत्पादन का औसत करीब 8.1 करोड़ टन है। चावल उत्पादन में कमी की आशंका धान बुवाई के रकबे में कमी के कारण है जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 3.79 करोड़ हेक्टेयर के मुकाबले इस बार अभी तक 3.62 करोड़ हेक्टेयर है।
पवार ने आगे कहा कि कमजोर बरसात और देश के कुछ भागों में सूखे जैसी स्थिति के कारण मोटे अनाज और दलहनों का उत्पादन भी पिछले वर्ष के मुकाबले कम रहने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि हालांकि कपास और गन्ना का उत्पादन पिछले वर्ष के मुकाबले बेहतर होने की संभावना है।
खरीफ बुवाई का लगभग अंत होने वाला है और इसकी कटाई अगले महीने से शुरु होगी। कृषि मंत्रालय खरीफ खाद्यान्न उत्पादन का पहला अग्रिम अनुमान अगले सप्ताह जारी करेगा।