बंबई उच्च न्यायालय को आज सूचित किया गया कि मारोल के सेवन हिल्स हेल्थकेयर अस्पताल में गरीब रोगियों के लिए 20 फीसदी बिस्तर आरक्षण को लेकर चल रहे गतिरोध पर बीएमसी के साथ वार्ता में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
बीएमसी के वकील आशुतोष कुंभाकोनी ने दो हफ्ते का अतिरिक्त वक्त मांगा है ।
मारोल में अपनी जमीन पर निजी कंपनी को अस्पताल बनाने की अनुमति देने के लिए बृहन्न मुंबई नगरपालिका परिषद् ने 20 फीसदी आरक्षण की शर्त रखी थी ।
उच्च न्यायालय ने जून में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एफ आई रेबेलो को मध्यस्थ नियुक्त किया था ।
कुंभाकोनी ने सूचित किया कि पार्टियों के बीच अब तक तीन बार बैठक हो चुकी है और दो हफ्ते के अंदर वे किसी समझौते तक पहुंच सकते हैं ।
इसके बाद मामले को स्थगित कर दिया गया ।
इससे पहले सेवन हिल्स समूह ने सूचित किया था कि वह अस्पताल परिसर में अलग से 300 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाने को तैयार है जहां सरकारी अस्पतालों से भेजे गए मरीजों का इलाज होगा ।
सरकारी अस्पताल के अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि सेवन हिल्स प्रबंधन गरीब मरीजों पर ध्यान नहीं देता और उन्हें भर्ती के मामले में निरुत्साहित किया जाता है।
दूसरी तरफ सेवन हिल्स की शिकायत थी कि बीएमसी उसे अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है जिसकी बैंक ण के लिए जरूरत है।
भाषा
नननन