पुडुचेरी की एक अदालत ने शंकररमण हत्याकांड की सुनवाई आज एक अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी जिसमें कांची के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती और उनके शिष्य विजयेंद्र मुख्य आरोपी हैं।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सी सी मुरूगन की अदालत में सुनवाई के दौरान 24 आरोपियों में से केवल सात ही मौजूद थे। गैर हाजिर आरोपियों में दोनों संत भी शामिल हैं। दोनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी :आपराधिक साजिश: तथा धारा 302 :हत्या: का आरोपी बनाया गया है।
विशेष सरकारी वकील एन देवास ने बाद में प्रेस ट्रस्ट को बताया कि दिवंगत शंकररमण के बेटे आनंद शर्मा ने एक याचिका दायर कर कहा कि इस हत्याकांड की सुनवाई पुडुचेरी से मद्रास उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की उसकी मां के अनुरोध पर आज उच्च न्यायालय में सुनवाई की जाय ।
वरदराज पेरूमल मंदिर के प्रबंधक शंकररमण की तीन सितंबर, 2004 को मंदिर परिसर में हत्या कर दी गयी थी।
भाषा