संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा कि यह बहुत शर्म की बात है कि हथियारों के व्यापार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई कानून नहीं है ।
उन्होंने यह बातें फलस्तीन की ओर से बातचीत शुरू करने के मुद्दों पर संधि वार्ता शुरू करते हुए कहीं।
संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्यों को 27 जुलाई तक पारंपरिक हथियारों के व्यापार को लेकर एक संधि पर हस्ताक्षर करना है । विशेषग्यों की राय है कि इस व्यापार की कीमत वर्ष में 70 अरब डॉलर से ज्यादा होगी ।
फलीस्तीन विवाद के कारण एक दिन देर से शुरू हुई बैठक में बान की मून ने कहा, अनियंत्रित तरीके से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियारों की लेनदेन से गृह युद्धों को बढ़ावा मिल रहा है, क्षेत्रों में अस्थिरता फैल रही है, आतंकवादी को ताकत मिल रही है और आपराधिक नेटवर्क को शह मिल रहा है ।