राजस्थान सरकार ने प्रदेश के तैतीस में से आठ जिलों मेंंंंं घर घर से कचरा संग्रहण का काम निजी कम्पनी को देने और कचरे उठाने का खर्च बिजली उपभोक्ताओं से बिजली के बिल के अनुरूप लेने का फैसला लिया है।
राजस्थान के नगरीय एवं स्वायत्तशासन मंत्री शान्ति धारीवाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये फैसले की जानकारी संवाददाताओं को दी।
उन्हांेने बताया कि मंत्रिमंडल ने अजमेर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, किशनगढ और पुष्कर में घर घर से कचरे का संग्रहण निजी कम्पनी को देने का फैसला लिया है। जयपुर और जोधपुर में यह कार्य शीघ्र शुरू हो जायेगा, जबकि शेष छह जिलों में कुछ समय बाद यह काम शुरू होगा। कचरा संग्रहण का शुल्क बिजली के बिल में जुड़कर आयेगा।
धारीवाल के अनुसार, एक हजार रूपये तक के बिजली के प्रति महिने के बिल आने वाले घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से कचरा संग्रहण का शुल्क नहीं लिया जायेगा।
उन्हांेने बताया कि घरेलू बिजली उपभोक्ताओं से एक हजार एक रूपये से दो हजार रूपये तक के बिल पर एक सौ रूपये, दो हजार एक से पांच हजार तक डेढ सौ रूपये, पांच हजार एक से दस हजार रूपये तक के बिल पर दो रूपये प्रति महीने शुल्क लिया जायेगा।