पश्चिम एशिया के 12 देशों में इस साल बिजली और जल से जुड़ी 32.7 अरब डालर मूल्य की 97 नयी परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।
संयुक्त अरब अमीरात में इस साल 1.5 अरब डालर मूल्य की 10 बिजली व जल परियोजनाएं शुरू होने जा रही हैं जिसमें नूर..1 नाम से 74 करोड़ डालर का एक सौर बिजली संयंत्र शामिल है।
वहीं, कुवैत ने 4.2 अरब डालर मूल्य की 19 बिजली और जल परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। बाजार अनुसंधान फर्म वेंचर्स मिडिल ईस्ट द्वारा जारी एक अध्ययन में यह जानकारी दी गई है।
सउदी अरब में इस साल 8.8 अरब डालर मूल्य की 15 नयी परियोजनाएं शुरू होने को हैं। इसके अलावा, मिस्र, ओमान, कतर, जार्डन, इराक, यमन, सीरिया और बहरीन समेत अन्य पश्चिम एशियाई देश भी उर्जा क्षेत्र में छलांग लगाने की तैयारी में हैं।
विश्व उर्जा परिषद के मुताबिक, अकेले खाड़ी क्षेत्र को उर्जा की बढ़ती जरूरतें पूरी करने के लिए 2020 तक 100 गीगावाट अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता होगी।
पश्चिम एशिया में आबादी 2025 तक 31 प्रतिशत बढ़कर 50 करोड़ पहुंचने की संभावना है जिससे इन देशों की सरकारें बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जबरदस्त निवेश कर रही हैं। साथ ही उनका विशेष ध्यान प्राकृतिक जल संसाधन के महत्तम उपयोग पर भी है।