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भारत के सर्विस सेक्टर को लगा बड़ा झटका! 4 साल में सबसे धीमी हुई रफ्तार, PMI गिरकर 53.3 पर पहुंचा

कमजोर मांग, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नए ऑर्डर घटने से जुलाई में भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि चार साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई।

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अहोना मुखर्जी   
Last Updated- August 06, 2026 | 8:45 AM IST

कमजोर मांग और कड़ी प्रतिस्पर्धा की वजह से व्यावसायिक गतिविधियों और नए कारोबार में आई कमी के कारण देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि जुलाई में पिछले चार वर्षों में सबसे कम दर्ज की गई है। एसऐंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) जून में 57.4 से गिरकर जुलाई में 53.3 पर आ गया, जो फरवरी 2022 के बाद सबसे कम है। उस समय सूचकांक 51.8 पर था। एक निजी मासिक सर्वेक्षण में यह आकलन पेश किया गया है। इसमें कहा गया है, ‘पैनल सदस्यों की टिप्पणियों से पता चला कि तीव्र प्रतिस्पर्धा, मांग में कमी, बाजार की कमजोर स्थितियां और ऑर्डर स्थगन के कारण वृद्धि बाधित हुई है।’

जून का पीएमआई 50 के स्तर से ऊपर बना रहा, जो विस्तार और संकुचन के बीच की सीमा को दर्शाता है। यह सूचकांक अब लगातार 60 महीनों से विस्तार के क्षेत्र में दिख रहा है।

नए कारोबार भी फरवरी 2022 के बाद सबसे धीमी गति से बढ़ रहे हैं। सर्वेक्षण में दर्ज किए गए चार प्रमुख खंडों- उपभोक्ता सेवाएं, वित्त एवं बीमा, रियल एस्टेट एवं व्यावसायिक सेवाएं तथा परिवहन, सूचना-संचार में से केवल वित्त और बीमा में ही कुछ तेजी देखी गई है। एचएसबीसी इंडिया के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘थोड़ी गति से ही, लेकिन सेवा क्षेत्र में जुलाई में विस्तार जारी रहा। कई महीनों के मजबूत प्रदर्शन के बाद घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में नए कारोबार की वृद्धि सुस्त पड़ी है।’

First Published : August 6, 2026 | 8:45 AM IST