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HDFC Bank पर उठे सवालों के बीच चेयरमैन ने क्या कहा?

पूर्व चेयरमैन से जुड़े घटनाक्रम के बीच HDFC Bank ने कहा कि बैंक की बैलेंस शीट मजबूत है और गवर्नेंस को लेकर कोई प्रणालीगत चिंता नहीं है

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सुब्रत पांडा   
Last Updated- August 06, 2026 | 8:56 AM IST

निजी क्षेत्र के सबस बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक के पूर्व अंशकालिक चेयरमैन से जुड़े हालिया घटनाक्रम के बावजूद बैंक में प्रणालीगत स्तर पर संचालन से जुड़ी कोई चिंता नहीं है और यह बुनियादी तौर पर मजबूत बना हुआ है। यह बात बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने आज कही। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बैंक कारोबारी संचालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखेगा।

एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन के तौर पर बैंक की सालाना आम बैठक को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा, ‘एचडीएफसी बैंक जैसी बड़ी संस्थाओं को समय-समय पर कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन यह जरूरी है कि इन मुद्दों का समय पर और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए।’

कुमार ने कहा, ‘बैंक ने प्रदर्शित किया है कि उसके पास किसी भी तरह की गड़बड़ी का पता लगाने के लिए नियंत्रण प्रणाली/ सुरक्षा उपाय मौजूद हैं और समिति स्तर पर निगरानी मजबूत है। मैं अपनी ओर से और बोर्ड की ओर से दोहराना चाहता हूं कि बैंक बुनियादी रूप से मजबूत है और बैलेंस शीट बेदाग है। प्रणालीगत स्तर पर प्रशासन संबंधी कोई चिंता नहीं है।’

उन्होंने कहा कि बोर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि एचडीएफसी बैंक कारोबारी संचालन के उच्चतम मानकों का पालन करे और ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही और विवेकपूर्ण प्रबंधन में मजबूती से टिका रहे। कुमार ने कहा कि गवर्नेंस हमेशा से संस्था की नींव रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक स्थापित नीतियों या नैतिक मानकों में किसी भी गड़बड़ी के प्रति बर्दाश्त नहीं करने की नीति का पालन करना जारी रखेगा। पूर्व अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद बोर्ड ने स्वतंत्र निदेशकों की एक विशेष समिति की देखरेख में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय

विधि फर्मों को नियुक्त किया और 26 जून को स्टॉक एक्सचेंजों को इसके निष्कर्षों के बारे में बताया था। उन्होंने कहा कि बेहतरीन संस्थानों की पहचान उनकी नीतियों और प्रक्रियाओं की मजबूती से होती है। इन्हें समस्याओं की पहचान करनी चाहिए, उनकी जांच करनी चाहिए, सुधार के कदम उठाने चाहिए और जहां जरूरी हो वहां उनका खुलासा करना चाहिए और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना चाहिए।

कुमार ने कहा कि गवर्नेंस के अलावा देश का सबसे बड़ा निजी क्ष्रेत्र का ऋणदाता ‘बदलाव के दौर’ में है और तकनीक में निवेश, विलय से मिलने वाले फायदों और मतबूत जमा के दम पर वृद्धि के अगले चरण में जाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘जब हम अपनी यात्रा के अगले चरण की ओर देखते हैं तो हमारा भरोसा एचडीएफसी बैंक की ‘ग्राहक-केंद्रित’ सोच और तकनीक आधारित कामकाज के प्रति लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता पर टिका है।

आज तकनीकी प्लेटफॉर्मों के आधुनिकीकरण और पूरे भारत में शाखाओं के नेटवर्क के विस्तार के साथ हम एक अहम मोड़ पर खड़े हैं, और बेहतर व्यावसायिक नतीजे देने के लिए तैयार हैं।’ कुमार ने स्वीकार किया कि एचडीएफसी लिमिटेड के साथ विलय से बैंक की बैलेंस शीट में संरचनात्मक बदलाव आए हैं, खास कर इसके चालू खाता बचत खाता (कासा) अनुपात और शुद्ध ब्याज मार्जिन में। लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि अगले दो-तीन वर्षों में ये दोनों ही बेहतर होंगे।

First Published : August 6, 2026 | 8:56 AM IST