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BMW खरीदने की सोच रहे हैं? जल्द बढ़ सकती हैं कीमतें, कंपनी ने दिया बड़ा संकेत

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यूरो के मुकाबले रुपये की कमजोरी से BMW के मुनाफे पर दबाव बढ़ा है, जिसके चलते कंपनी भविष्य में कारों की कीमतें बढ़ा सकती है।

Last Updated- July 09, 2026 | 8:50 AM IST
BMW
Representative image

बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने कहा है कि यूरो के मुकाबले रुपये की कीमत में भारी गिरावट बड़ी चुनौती बन रही है। लग्जरी कार बनाने वाली कंपनी का अनुमान है कि यूरो के मुकाबले भारतीय मुद्रा में हर 1 रुपये की गिरावट से उसका मुनाफा मार्जिन करीब 1 फीसदी कम हो जाता है। हालांकि मजबूत मांग के कारण उसने साल की पहली छमाही में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है।

बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष व सीईओ हरदीप सिंह बराड़ ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, यूरो के मुकाबले हर 1 रुपये की गिरावट से हमारे मुनाफा मार्जिन पर 1 फीसदी का असर पड़ता है। पिछले साल जनवरी से अब तक कुल गिरावट लगभग 18 रुपये की रही है, जिसका मतलब है कि हमारे मुनाफा मार्जिन पर 18 फीसदी का असर पड़ा है।

कंपनी ने बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर थोड़ा ही डाला है। बीएमडब्ल्यू ने पिछले साल कीमतें 5-6 फीसदी और इस साल 4-5 फीसदी बढ़ाई, लेकिन बराड़ ने कहा कि यह बढ़ोतरी रुपये की गिरती कीमत के असर के मुकाबले बहुत कम है। उन्होंने कहा, मुद्रा की कीमत में जितनी गिरावट आई है और हमने जितनी कीमतें बढ़ाई हैं, उनके बीच अभी भी काफी फासला है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी आने वाले महीनों में कीमतों में और बढ़ोतरी पर विचार करेगी।

लग्ज़री कार कंपनियों पर मुद्रा के उतार-चढ़ाव का खास असर पड़ता है क्योंकि उनके कलपुर्जे और पूरी तरह से बनी हुई गाड़ियां (सीबीयू) का एक बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है और उनका बिल यूरो में बनता है। हालांकि बीएमडब्ल्यू भारत में बिकने वाले अपने ज्यादातर मॉडल चेन्नई प्लांट में ही असेंबल करती है, फिर भी उत्पादन लागत में आयात किए गए कलपुर्जों का बड़ा हिस्सा होता है। मुद्रा की चुनौतियों के बावजूद, बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने साल की पहली छमाही में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की। कंपनी ने जनवरी से जून के बीच 9,075 कारें बेचीं, जो पिछले साल के मुकाबले 17 फीसदी ज़्यादा है। दूसरी तिमाही में भी यह बिक्री 17 फीसदी बढ़कर 4,507 गाड़ियों पर पहुंच गई।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों में वृद्धि लंबे व्हीलबेस वाले मॉडलों और स्पोर्ट्स ऐक्टिविटी व्हीकल्स (एसएवी) की वजह से जारी रही। ईवी की डिलिवरी सालाना आधार पर 78 फीसदी बढ़कर 2,359 वाहन हो गई। साल के पहले छह महीनों में कंपनी की कुल बिक्री में बैटरी-इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 26 फीसदी रही। लंबे व्हीलबेस वाले मॉडलों की बिक्री 24 फीसदी बढ़कर 4,428 वाहन हो गई और कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी 52 फीसदी रही, जिससे शॉफर वाली लग्जरी गाड़ियों की बढ़ती मांग जाहिर होती है। एसएवी की बिक्री 35 फीसदी बढ़कर 5,926 वाहन हो गई, जो कुल डिलिवरी का लगभग दो-तिहाई है।

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First Published - July 9, 2026 | 8:50 AM IST

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