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Auto Sector: यात्री वाहनों की बिक्री में उछाल, मार्च में 16% बढ़ी थोक डिमांड

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जीएसटी कटौती और मजबूत मांग से FY26 में कुल बिक्री 47 लाख के पार

Last Updated- April 02, 2026 | 9:16 AM IST
Passenger Vehicle

मार्च में घरेलू यात्री वाहनों (पीवी) की थोक बिक्री 4,50,000 वाहन रही। इसमें पिछले साल के मुकाबले 16.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सितंबर में जीएसटी दरों में कटौती के बाद मांग में आई तेजी ने उद्योग को पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष से पैदा हुई चिंताओं को झटकने में मदद की है।

यात्री वाहन उद्योग की कुल थोक बिक्री यानी डीलरों को भेजी गई गाड़ियां वित्त वर्ष 2025 की 43.4 लाख वाहनों से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 47 लाख वाहन हो गई। यह पिछले साल के मुकाबले 8.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। यह इजाफा वित्त वर्ष की दूसरे छमाही में दर्ज मजबूत सुधार की बदौलत हुआ है। बाजार की दिग्गज कंपनी मारुति सुजूकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) ने मार्च 2026 में 1,66,219 वाहनों की थोक बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल के मुकाबले 10.3 प्रतिशत अधिक है।

वरिष्ठ कार्याधिकारी (विपणन और बिक्री) पार्थो बनर्जी ने कहा कि संघर्ष शुरू होने से पहले ही यानी दिसंबर से ही कमोडिटी की कीमतें बढ़ रही थीं और इस लागत का बोझ अब तक कंपनी ने खुद ही उठाया है, ताकि लोग दोपहिया वाहनों को छेड़कर यात्री वाहनों की ओर शिफ्ट हो सकें। लेकिन उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया की लड़ाई के बाद उत्पादन लागत का दबाव बढ़ गया है। इससे कंपनी को अब कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती से वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में छोटी कारों की मांग में तेजी से उछाल आया। इस दौरान लगभग 1,75,000 गाड़ियों की बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 12 प्रतिशत अधिक है। लेकिन उत्पादन में दिक्कतों की वजह से बिक्री ज्यादा नहीं बढ़ पाई और डीलरों के पास स्टॉक घटकर लगभग 12 दिन का रह गया है। बनर्जी ने बताया कि कंपनी ने मार्च में अपनी नई ई-विटारा की 2,205 गाड़ियां बेचीं। उन्हें उम्मीद है कि जब तक उत्पादन क्षमता से जुड़ी दिक्कतें दूर नहीं हो जातीं, तब तक इतनी ही बिक्री बनी रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि वित्त वर्ष 2027 में यात्री वाहन उद्योग में लगभग 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन साथ ही आगाह किया कि अगर संघर्ष लंबा चला तो यह अनुमान बदल भी सकता है। कॉरपोरेट मामलों के वरिष्ठ अधिकारी राहुल भारती ने कहा कि खाड़ी संघर्ष के बावजूद कंपनी का कामकाज और उत्पादन पटरी पर है। उन्होंने कहा कि निर्यात लगभग 100 देशों तक होता है और इसमें मजबूती बनी हुई है। हालांकि शिपिंग की ज्यादा लागत चुनौती बन रही है।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) की थोक बिक्री में मार्च में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली। वाहनों की डिस्पैच 51,616 गाड़ियों से बढ़कर 66,192 पर पहुंच गई, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 28.2 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी एसयूवी और इलेक्ट्रिक वाहनों की मजबूत मांग की वजह से संभव हुई है। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने वृद्धि की रफ्तार बनाए रखी। मार्च में कंपनी की थोक बिक्री का आंकड़ा 60,272 वाहन पर पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 25.4 फीसदी की बढ़ोतरी है।

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First Published - April 2, 2026 | 9:16 AM IST

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