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EV, हाइड्रोजन, नेचुरल गैस से चलने वाले वाहनों के लिए राहत! सरकार इन नियमों में करने जा रही संशोधन

सरकार कमर्शियल ट्रांसपोर्ट में कम प्रदूषण वाले वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है

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बरखा माथुर   
Last Updated- August 18, 2026 | 7:13 PM IST

बैटरी, हाइड्रोजन और नेचुरल गैस से चलने वाले वाहनों के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH)  बड़ी राहत देने की तैयारी में है। इसके तहत मंत्रालय ने नेशनल परमिट से जुड़ी उम्र सीमा में 5 साल और जोड़ने का प्रस्ताव दिया है। सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स (CMVR), 1989 में होने वाले इस संशोधन के ड्राफ्ट में नेशनल परमिट की प्रक्रियाओं को आसान बनाने और ज्यादातर प्रोसेस को ऑनलाइन करने का भी प्रस्ताव शामिल है।

वाहनों को मिलेगी 5 साल की अतिरिक्त छूट

सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स (CMVR), 1989 में संशोधन के ड्राफ्ट में मुख्य प्रस्ताव नियम 88 में है। यह नियम नेशनल परमिट सिस्टम के तहत वाहनों की उम्र सीमा तय करता है। MoRTH ने बैटरी से चलने वाले, हाइड्रोजन फ्यूल और नेचुरल गैस से चलने वाले वाहनों के लिए इस सीमा को पांच साल बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।

कितनी बढ़ेगी वाहनों की उम्र सीमा?

अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो मौजूदा 12 साल और 15 साल की उम्र सीमा बढ़कर क्रमशः 17 साल और 20 साल हो जाएगी। हालांकि, यह बढ़ोतरी सभी कमर्शियल वाहनों के लिए नहीं होगी। इसका लाभ सिर्फ नियम 88 के दायरे में आने वाले वाहनों को मिलेगा।

ई-ट्रकों को मिलेगा बढ़ावा?

यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब सरकार कमर्शियल ट्रांसपोर्ट में कम प्रदूषण वाले वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। नीति आयोग की 2025 EV रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रिक ट्रकों को अपनाने की रफ्तार अभी कम है। 2024 में सिर्फ 6,220 इलेक्ट्रिक ट्रक बिके थे। इनमें 3.5 टन से ज्यादा वजन वाले ट्रकों की संख्या सिर्फ 280 थी।

रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक ट्रकों की ज्यादा शुरुआती कीमत और फाइनेंसिंग की कमी को भी बड़ी परेशानी बताया गया है। ऐसे में पांच साल की अतिरिक्त छूट से ऑपरेटर्स को इन वाहनों की ज्यादा शुरुआती लागत निकालने के लिए ज्यादा समय मिल सकता है।

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नेशनल परमिट की प्रक्रिया होगी आसान

MoRTH ने नेशनल परमिट ऑथराइजेशन की प्रक्रिया को भी आसान बनाने का प्रस्ताव दिया है। अभी हर साल ऑथराइजेशन रिन्यू कराना होता है, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत ऑपरेटर एक बार में पांच साल तक का ऑथराइजेशन ले सकेंगे। लगने वाली फीस हर साल 16,500 रुपये ही रहेगी। यानी पांच साल के ऑथराइजेशन के लिए कुल 82,500 रुपये देने होंगे।

इस पूरी प्रक्रिया को ज्यादा डिजिटल बनाने का भी प्रस्ताव है। फॉर्म 46 का आवेदन और फॉर्म 47 का ऑथराइजेशन इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किया जा सकेगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट की रसीदों को भी स्वीकार किया जाएगा।

VAHAN से कम होगा कागजी काम

ड्राफ्ट में VAHAN डेटाबेस के ज्यादा इस्तेमाल का प्रस्ताव भी है। संबंधित डीलरशिप या वाहन रजिस्ट्रेशन की जानकारी देने के बाद, फॉर्म 16, 46 और 48 की जानकारी पोर्टल से अपने आप ली जा सकती है। आवेदकों को केवल वही जानकारी भरनी होगी जो VAHAN पर उपलब्ध नहीं है।

चेसिस का टेम्पररी रजिस्ट्रेशन छह महीने तक, तैयार वाहनों के लिए 45 दिन

ड्राफ्ट में टेम्पररी रजिस्ट्रेशन के नियमों में भी बदलाव का प्रस्ताव है। बिना बॉडी वाले चेसिस को जारी होने की तारीख से छह महीने तक का टेम्पररी रजिस्ट्रेशन मिलेगा। अगर चेसिस पर बॉडी लगाने के काम या वाहन मालिक के नियंत्रण से बाहर किसी वजह से छह महीने से ज्यादा समय लग जाता है, तो आवेदन और तय फीस जमा करने के बाद रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी एक बार में 30 दिन के लिए इसकी अवधि बढ़ा सकती है। वहीं, पूरी तरह तैयार वाहन का टेम्पररी रजिस्ट्रेशन 45 दिनों तक मान्य रहेगा, अगर उसे अडैप्टेड वाहन में बदला जा रहा है या उसे डीलर के राज्य से अलग किसी दूसरे राज्य में रजिस्टर कराया जाना है।

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रजिस्ट्रेशन के लिए अब देनी होगी ज्यादा जानकारी

प्रस्तावित बदलावों में रजिस्ट्रेशन और परमिट फॉर्म के लिए ज्यादा जानकारी की जरूरतें भी जोड़ी गई हैं। फॉर्म 20 में वाहन मालिक का मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना जरूरी होगा। फॉर्म में हाइपोथिकेशन के तहत वाहनों के लिए एग्रीमेंट नंबर या लोन अकाउंट नंबर भी दर्ज किया जाएगा।

वहीं, फॉर्म 48 में वाहन के वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस, PUC और फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ साथ पेंडिंग चालान हिस्ट्री की जानकारी भी शामिल होगी। वाहन के पास पहले से मौजूद किसी भी नेशनल परमिट की जानकारी भी इसमें शामिल होगी।

ट्रेड सर्टिफिकेट के दायरे में आएंगी कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियां

MoRTH यह भी चाहता है कि ऑटोमोटिव कंपोनेंट बनाने वाली योग्य कंपनियों को नियम 33 के तहत ट्रेड सर्टिफिकेट फ्रेमवर्क में शामिल किया जाए। ड्राफ्ट में ऐसी कंपनियों को उन निर्माताओं के तौर पर परिभाषित किया गया है, जिन्हें डिपार्टमेंट ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च से मंजूरी मिली हो और जो ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए नए प्रोडक्ट विकसित करने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट के काम में शामिल हों। नोटिफिकेशन के सार्वजनिक होने के बाद, MoRTH ने 30 दिनों तक आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं

First Published : August 18, 2026 | 7:13 PM IST