इससे विशाखापत्तनम संयंत्र देश में एक ही स्थान पर मौजूद सबसे अधिक क्षमता वाला संयंत्र बन जाएगा।
कंपनी ने हाल ही में एक परामर्श समिति के समक्ष दी प्रस्तुति में कहा, कंपनी ने 2022..23 तक चरणबद्ध तरीके से तरल इस्पात की क्षमता बढ़ाकर 2 करोड़ टन पहुंचाने की दीर्घकालीन योजना तैयार की है जिससे हमें भारतीय इस्पात बाजार में अपनी स्थिति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कंपनी ने कहा, उक्त योजना के साथ विस्तार के अगले चरण के लिए परामर्शक की नियुक्ति की जा चुकी है। विस्तार के अगले चरण में क्षमता बढ़ाकर सालाना 1.1 करोड़ टन पहुंचाई जाएगी जहां कंपनी अपने फ्लैट उत्पादों के पोर्टफोलियो का विविधीकरण करेगी।
कंपनी ने कहा कि संभाव्य अध्ययन रिपोर्ट का मसौदा पहले ही तैयार किया जा चुका है और यह मंजूरी के लिए विचाराधीन है।