सरकार ने अगले आदेश तक खाद्य तेलों के निर्यात पर प्रतिबंध की अवधि बढ़ा दी है। लेकिन 20,000 टन की उच्चतम सीमा के साथ ब्रांडेड उपभोक्ता पैक में खाद्य तेलों की विदेशों को भेजे जाने वाली खेप को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा कल जारी अधिसूचना के अनुसार, ै खाद्य तेलों के निर्यात पर प्रतिबंध अगले आदेश तक बढ़ाया गया है। ै
आरंभ में खाद्य तेलों के निर्यात को एक वर्ष के लिए लागू किया गया था जो 17 मार्च 2008 से प्रभावी था। इस प्रतिबंध को समय-समय पर बढ़ाया गया और मौजूदा समय में यह प्रतिबंध 30 सितंबर 2012 तक प्रभावी था।
लेकिन सरकार ने ब्रांडेड उपभोक्ता पैक में खाद्य तेलों की विदेशों को भेजे जाने वाली खेप को इस प्रतिबंध से एक वर्ष के लिए यानी सितंबर 2013 तक के लिए मुक्त रखा है।
इसमें कहा गया है कि मछली तेल का निर्यात मुक्त बना रहेगा।
खाद्य तेलों के निर्यात को इसलिए प्रतिबंधित किया गया था क्योंकि देश आयात पर भारी निर्भरता रखता है। खाद्य तेल की घरेलू उत्पादन मात्र 70 लाख टन है जबकि इसकी घरेलू वार्षिक मांग 1.7 से 1.8 करोड़ टन है। इस कमी को आयात के जरिये पूरा किया जाता है।
वर्ष 2011..12 में भारत ने 97.8 लाख टन खाद्य तेलों का आयात किया।
भाषा