नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह के उस आदेश से जुड़ा विवाद आज दिल्ली उच्च न्यायालय में पहुंच गया जिसमें उन्हांेने एयर इंडिया के पायलटों और चालक दल के सदस्यों के उड़ान के घंटे बढ़ाने का आदेश दिया था। अदालत ने पायलट यूनियन से कहा कि वह उड़ान ड्यूटी समय सीमा
न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने इंडियन कॉमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन :आईसीपीए: की याचिका पर कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया। पीठ ने एसोसिएशन को अतिरिक्त हलफनामा दायर करने का निर्देश देते हुए कहा है कि इसमें सिंह के आदेश के अनुसार एयर इंडिया द्वारा एफडीटीएल में किए गए बदलावों का ब्योरा दिया जाये।
अदालत अब इस मामले पर पांच अक्तूबर को सुनवाई करेगी।
आईसीपीए ने याचिका में मंत्री के उस आदेश को निरस्त करने का अनुरोध किया है जिसमें राष्ट्रीय विमानन कंपनी को तत्काल नागरिक उड्डयन महानिदेशालय :डीजीसीए: के दिशा-निर्देशों को तत्काल लागू करने को कहा है। डीजीसीए ने पायलटों और चालक दल के सदस्यों के उड़ान की अवधि बढ़ाने को कहा है।