अनुसंधानकर्ताओं की मानें तो निंदरथाल मानव को गहनों से लगाव था और वह पक्षियों के पंखों का उपयोग अपने गहनों की तरह करते थे।
एक नए अध्ययन में यह बात कहने वाले अनुसंधानकर्ताओं का दावा है कि इस नतीजे से इस बात को बल मिलता है कि आदि मानव में सोचने समझने की क्षमता वैसी ही थी जैसी हमारी है।
इस अध्ययन में कहा गया है कि मानव प्रजाति निंदरथाल को काले पंख अधिक पसंद आते थे। यह पंख वह शिकार किए गए पक्षियों से चुनते थे और इसके लिए एक तरह से लूट मचती थी।
इतिहास को देखें तो पता चलता है कि कई जनजातियां भी खुद को पंखों से सजाती थीं। लेखकों के मुताबिक, उनके कहने का मतलब यह नहीं हैं कि गहने पहनना हमने निंदरथाल मानव से सीखा।
खबर में कहा गया है कि पंखों का गहनों के तौर पर उपयोग बताता है कि कभी आधुनिक मानव और निंदरथाल मानवों के पूर्वज एक ही रहे होंगे।
जिब्राल्टर संग्रहालय के अनुसंधानकर्ताओं ने क्लाइव फाइनलेसॅन और किम्बर्ले ब्राउन की अगुवाई में यूरेशिया के 1,699 प्राचीन स्थलों का अध्ययन किया और यह निष्कर्ष निकाला है।