कुडनकुलम परियोजना का विरोध तेज होने के बीच देश के परमाणु नियामक ने आज कहा कि उसने रूसी सहयोग से बन रहे परमाणु संयंत्र में एक हजार मेगावाट क्षमता वाली पहली इकाई में संवर्धित यूरेनियम भरने के लिए अंतिम मंजूरी अभी नहीं दी है।
परमाणु उर्जा नियामक बोर्ड :एईआरबी: के अध्यक्ष एस एस बजाज ने संवाददाताओं से कहा, ईंधन भरने का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। वह कुडनकुलम परियोजना में सुरक्षा उपायों के बारे में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
बजाज ने कहा कि एईआरबी की सात सदस्यीय टीम तमिलनाडु में स्थित संयंत्र की पहली इकाई में आखिरी दौर का निरीक्षण कर रही है। उन्होंने कहा, जैसे ही ये परीक्षण पूरे हो जाएंगे, हमें टीम से रिपोर्ट मिल जाएगी। उसके बाद हम रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे और तब ईंधन भरने के संबंध में मंजूरी दी जाएगी।
बजाज ने कहा कि यह संयंत्र के आपरेटर परमाणु उर्जा निगम लि. :एनपीसीआईएल: की जिम्मेदारी है कि वह सभी नियामक मापदंडों का पालन करे। इसके बाद संयंत्र में ईंधन भरने की अनुमति दी जा सकती है।
उन्होंने कहा, हमें नहीं मालूम कि इसमें कितना समय लगेगा। यह एनपीसीआईएन की जिम्मेदारी है, एईआरबी की नहीं। यह सिर्फ यह सुनिश्चित करेंगे कि सुरक्षा उपायों का पालन किया गया है या नहीं।
बजाज ने संयंत्र के चालू होने के बारे में समयसीमा पर चर्चा में भाग लेने से इंकार कर दिया और कहा कि यह आपरेटर की जिम्मेदारी है।
जारी भाषा
नननन