दिल्ली उच्च न्यायालय ने शेयर बाजारों में स्वचालित
इस याचिका में शेयर बाजारों में स्वचालित या एल्गोरिथम कारोबार को समाप्त करने की मांग की गई क्योंकि यह सुविधा छोटे निवेशकों के लिए उपलब्ध नहीं है।
साफ्टवेयर से चलने वाली इस सुविधा की शुरआत बीएसई व एनएसई में 2005 में हुई थी। इसके तहत प्रति सेकंड लगभग 800 सौदे के किए जा सकते हैं।
न्यायाधीश राजीव शकधर ने सेबी व वित्तमंत्रालय के साथ साथ भारतीय रिजर्व बैंक, बीएसई तथा एनएसई को भी नोटिस जारी किया है। याचिका में कहा गया है कि इस प्रणाली से छोटे निवेशकों को बड़े निवेशकों, एफआईआई की तुलना में नुकसान होता है।
मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होनी है।