गुवाहाटी में लड़की के साथ छेड़छाड़ के कांड के बाद कर्नाटक में उन्नीस साल की एक अनाथ लड़की के साथ बदसलूकी का एक और वाकया सामने आया है जिसमें छेड़छाड़ का विरोध करने पर चार व्यक्तियों ने उसे चलती ट्रेन से नीचे धकेल दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इस दौरान अन्य यात्री मूक दर्शक बने रहे।
पुलिस ने बताया कि कल यहां से करीब 63 किमी दूर मद्दूर के पास 19 वर्षीय किशोरी को यशवंतपुर...मैसूर एक्सप्रेस ट्रेन से नीचे धकेल दिया गया जिससे वह 25 फुट नीचे सूखी हुई शिमशा नदी में जा गिरी।
लड़की को इलाज के लिए मांड्या इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भर्ती कराया गया है। जहां उसके सिर, रीढ़ की हड्डी और पैरों पर आईं गंभीर चोटों का उपचार किया जा रहा है।
लड़की का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने आज कहा कि वह खतरे से बाहर है।
चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और आज मद्दूर के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
बेंगलूर में एक कपड़ा फैक्टरी में दर्जी का काम करने वाली लड़की अपनी दादी से मिलने के लिए छुट्टी लेकर मैसूर जा रही थी।
घटना से नाराज हिंदू जागरण वेदिके के 20 से 25 लोगों ने चारों आरोपियों पर उस समय हमला कर दिया जब उन्हें पूछताछ के लिए आज मांड्या रेलवे स्टेशन लाया गया।
कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और मांग की कि बेंगलूर..मैसूर ट्रेन में पुलिस द्वारा सुरक्षा की जाए।
लड़की ने संवाददाताओं से कहा कि वह काम करने के बाद बेंगलूर के यशवंतपुर से मैसूर जा रही थी तभी सभी चारों आरोपियों ने उसके साथ छेड़छाड़ का प्रयास किया और उसे ट्रेन से बाहर धकेल दिया।
लड़की ने कहा कि वह सौभाग्यशाली है कि ट्रेन के धीरे चलने के कारण वह बच गयी और ट्रेन के पहियों के नीचे नहीं आई।
भाषा