कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को साल 2009 में भूमि को गैर अधिसूचित करने में कथित अनियमितता से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत दे दी।
न्यायमूर्ति वी जगन्नाथन ने येदियुरप्पा को राहत देते हुए उन्हें दो लाख रुपये की जमानत राशि जमा करने को कहा। उच्च न्यायालय ने यह भी शर्त लगाई कि वह अदालत की अनुमति के बिना राज्य या देश नहीं छोड़ेंगे।
येदियुरप्पा इस मामले में गृह मंत्री आर अशोक के साथ सह आरोपी हैं। आर अशोक ने आज अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
यह मामला पिछले साल दिसंबर में आरटीआई कार्यकर्ता विजय कुमार हीरेमठ द्वारा लोकायुक्त अदालत में दायर निजी शिकायत पर दर्ज किया गया था। इसमें अशोक पर अपने पद का दुरुपयोग करने और बेंगलूर विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन करके साल 2009 में कथित तौर पर दो भूखंडों को गैर अधिसूचित करवाने का आरोप लगाया गया था। येदियुरप्पा ने भूमि को गैर अधिसूचित करवाने वाले आदेश पर हस्ताक्षर किया था।