कर्नाटक सरकार केंद्र सरकार पर राष्ट्रीयकृत बैंकों को इस बात का निर्देश देने के लिए दबाव बनाएगी कि वे राज्य में भीषण सूखे के मद्देनजर ब्याज समेत तकरीबन 25 हजार रुपये तक की कृषि ण को माफ कर दें।
मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार ने एच डी रेवन्ना :जद एस: की ओर से दिए गए सुझाव को मानते हुए कहा, हम :25000 रुपये तक के: कर्ज को माफ करने के लिए केंद्र पर दबाव बनाएंगे।
रेवन्ना ने इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कल एक अगस्त 2011 से इस साल 30 जून तक किसानों के ब्याज समेत 25 हजार रुपये तक की कृषि सहकारी सोसाइटी णों को माफ करने की घोषणा की थी।
शेट्टार ने कहा था कि 16 लाख किसान परिवारों को लाभ पहुंचाने वाले विशेष पैकेज से सरकारी खजाने पर 3500 करोड़ रुपये का बोझ आएगा। इसे राज्य सरकार अनुदान के रूप में मंजूर करेगी।
कांग्रेस और जद एस सदस्यों ने अवधि का 23 जुलाई से विस्तार करके पिछले साल अप्रैल तक करने की जोरदार वकालत की और इसका लाभ उन किसानों को भी दिए जाने की मांग की जिन्होंने अपने कर्ज की अदायगी पहले ही कर दी है।
उन्होंने दलील दी कि किसानों ने पिछले साल अप्रैल से ही कर्ज लिया था। उन्हें इस लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।
शेट्टार ने कहा, मैं इसपर विचार करने को तैयार हूं।
उन्होंने कहा कि वह उनके सुझावों पर वित्त विधेयक पर चर्चा का जवाब देने के दौरान विचार करेंगे। साथ ही पैकेज पर सरकारी आदेश जारी करने के समय पर भी विचार करेंगे।
उन्होंने कहा कि वह वित्त विभाग से इसके प्रभावों पर चर्चा करेंगे।
भाषा
नननन