लंदन ओलंपिक की सुरक्षा के लिये अनुबंधित सुरक्षा कपंनी आलोचनाओं से घिरी है और उसने आज स्वीकार किया कि खेलों के लिये प्रतिबद्धतायें पूरी नहीं कर पाने की असमर्थता ने उन्हें शर्मनाक स्थिति में डाल दिया है ।
सुरक्षा कंपनी जी4एस के अध्यक्ष निक बकल्स ने कहा कि वह समिति के सदस्य लेबर पार्टी के सांसद डेविड विनिक से बिलकुल भी असहमत नहीं है जिन्होंने इन हालातों को शर्मनाक स्थिति करार किया था ।
समिति के अध्यक्ष कीथ वाज ने बकल्स के साथ 90 मिनट की बातचीत मंे कंपनी के प्रदर्शन को अस्वीकार्य, अक्षम और अपरिपक्व करार किया था ।
ब्रिटिश सरकार को 3,500 सैनिकों को तैनात करना पड़ रहा है जिसमें से कुछ अफगानिस्तान में सीमा के इलाकों से लौटे हैं । ऐसा इसिलये करना पड़ा क्योकि कंपनी ओलंपिक के लिये आवश्यक संख्या में सुरक्षाकर्मी मुहैया नहीं करा पायी ।
कंपनी की 27 जुलाई से शुरू होने वाले ओलंपिक से पहले इस अक्षमता को ब्रिटेन के लिये राष्ट्रीय शर्म के रूप में देखा जा रहा है ।
ऐसी भी मांग की जा रही हैं कि सुरक्षा की व्यवस्था किसी निजी कंपनी को दिये जाने से पहले सेना और पुलिस को यह कार्य सौंपा जाना चाहिए था । जी4एस से किया गया ओलंपिक अनुबंध 28 करोड़ पाउंड का है ।