मध्यप्रदेश की प्रमुख नदी नर्मदा को प्रदूषणमुक्त बनाने नर्मदा घाटी विकास विभाग विभिन्न विभाग के सहयोग से कार्य योजना तैयार करेगा।
नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौर की अध्यक्षता में नर्मदा जल शुद्धीकरण की समीक्षा के लिये आयोजित बैठक में बताया गया कि नर्मदा जल को प्रदूषणमुक्त बनाने का कार्य उद्गम स्थल अमरकंटक से शुरू होगा। अमरकंटक में जल-मल निकासी की पांच करोड़ आठ लाख की योजना नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने तैयार की है। जिला प्रशासन के सहयोग से जलाउ लकड़ी के उपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से गैस एजेंसी का विस्तार काउंटर अमरकंटक में प्रारंभ कर दिया गया है।
बैठक में बताया गया कि नर्मदा एक्शन प्लान :एनवीडीए: एक वर्ष में तैयार करेगा। कार्य में केन्द्र सरकार से भी सहयेाग लिया जाएगा। जल शुद्धिकरण के लिए नर्मदा के किनारे सघन वृक्षारोपण किया जाएगा। वन क्षेत्र में वन विभाग वृक्षारोपण करेगा और अन्य क्षेत्र में वन विभाग तकनीकी मार्गदर्शन देगा। नर्मदा की सीमा के निर्धारण का भी ख्याल रखा जाएगा। विभिन्न औद्योगिक इकाइयों द्वारा नर्मदा के किनारे 12 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा, जिसकी सुरक्षा संबंधित इकाई तीन साल तक करेगी। पौधारोपण का कार्य ओंकारेश्वर से प्रारंभ हो गया है।