सरकार ने निर्यात बढ़ाने के लिये बासमती चावल के न्यूनतम समर्थन मूल्य
विदेश व्यापार महानिदेशालय :डीजीएफटी: ने एक अधिसूचना में कहा, बासमती चावल का निर्यात बिना एमईपी के किया जा सकता है।
इस वर्ष शुरू में सरकार ने बासमती चावल का न्यूनतम निर्यात मूल्य 900 डालर प्रति टन से कम करके 700 डालर प्रति टन कर दिया था ताकि इसे वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।
इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए अखिल भारतीय चावल निर्यात संघ के अध्यक्ष एम पी जिंदल ने कहा, यह स्वागत योग्य कदम है क्योंकि इससे शर्बती तथा सुगंदा चावल की किस्मों का निर्यात बढ़ेगा जो न तो बासमती चावल है और न ही गैर-बासमती चावल।
चावल की इन दोनों किस्मों का उत्पादन पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश में होता है।
उद्योग सूत्रों के अनुसार सितंबर 2011 में चावल निर्यात से प्रतिबंध उठने के बाद से देश से 42.50 लाख टन गैर..बासमती चावल का निर्यात किया जा चुका है। वर्तमान में गैर..बासमती चावल पर कोई न्यूनतम निर्यात मूल्य तय नहीं है।
भाषा
07042137 दि
नननन