राष्ट्रीय सलाहकार परिषद्
एनएसी द्वारा जारी बयान के अनुसार सदस्यों ने माना कि मानसून की कमजोर स्थिति और कहीं-कहीं सूखे की आशंका के मद्देनजर कई राज्यों में सार्वजनिक निर्माण कार्यों की जरूरत बढ़ सकती है। ऐसे में मनरेगा :महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून: की भूमिका अहम हो जाती है।
परिषद् ने माना कि इस योजना की शुरुआती उत्साहजनक प्रगति के बाद अब चुनौतियां सामने आ रही हैं और आलोचनाएं भी हो रही हैं। ऐसे हालात में पारदर्शिता, जवाबदेही और शासन से संबंधित एनएसी के कार्यसमूह को ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्य सरकारों के समन्वय से इस कानून के क्रियान्वयन पर निगरानी रखने के लिए विचार-विमर्श करने और प्रभावी कदम सुझाने की जरूरत है।
गौरतलब है कि मार्च महीने में हुई एनएसी की बैठक में असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा अधिनियम 2008 को व्यापक बनाने के संबंध में चर्चा की गयी थी और अप्रैल में सरकार को सिफारिशें भेजी गयी थीं।