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श्रीलंका, भारत संयुक्त रूप से करेंगे त्रिंकोमाली तेल टैंक परिसर का विकास

PTI

- January,04 2022 9:43 PM IST

चार जनवरी (भाषा) श्रीलंका ने पूर्वी बंदरगाह जिला त्रिंकोमाली में द्वितीय विश्वयुद्ध के समय की तेल भंडारण सुविधा (ऑयल टैंक फार्म) के पुनर्विकास को लेकर भारत के साथ संयुक्त परियोजना पर सहमति जतायी है।

श्रीलंका सरकार ने मंगलवार को कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण त्रिंकोमाली तेल टैंक परिसर के संदर्भ में भारत सरकार के साथ तीन मौजूदा समझौतों की समीक्षा के बाद दोनों पक्ष संयुक्त विकास परियोजना के क्रियान्वयन पर सहमत हुए हैं। त्रिंकोमाली तेल टैंक परिसर को त्रिंको ऑयल टैंक फार्म के नाम से जाना जाता है।

मंत्रिमंडल ने सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (सीपीसी) और भारत इंडियन ऑयल कंपनी (एलआईओसी) के स्थानीय परिचालकों (एलआईओसी) को त्रिंकोमाली ऑयल टैंक परिसर के क्रमश: 24 और 14 तेल टैंक आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जबकि शेष 61 तेल टैंक ट्रिनको पेट्रोलियम टर्मिनल प्रा. लिमिटेड के तहत विकसित किए जाने हैं। इसमें सीपीसी (51 प्रतिशत) और एलआईओसी (49 प्रतिशत) की हिस्सेदारी होगी।

मंत्रिमंडल के संयुक्त प्रवक्ता मंत्री उदय गमनपिला ने कहा कि संयुक्त उद्यम की पट्टा अवधि 50 साल की होगी।

अखबार ‘डेली मिरर’ के अनुसार, नया समझौता 2002 में इंडियन ऑयल कंपनी के स्थानीय परिचालकों (एलआईओसी) के साथ हुए समझौते का विस्तार है।

श्रीलंका ने 2002 में द्वीप के सबसे रणनीतिक तेल भंडारण परिसर को लेकर भारत के साथ समझौता किया था। इस परिसर को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आपूर्ति आधार के रूप में इस्तेमाल किया गया था।

भाषा रमण अजय

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