Advertisement
नोएडा एयरपोर्ट पर टेलीकॉम कंपनियों को नेटवर्क लगाने का आदेश!Stocks to buy: ऐंजल वन के एक्सपर्ट की सलाह, इन 3 स्टॉक्स में दिख रहा मौका; ₹330 से ₹750 तक के टारगेटकम मियाद, सीमित जोखिम: क्या मनी मार्केट फंड आपके लिए सही विकल्प हैं?वसूली एजेंट करेंगे परेशान तो बैंकों का भी होगा नुकसानOffice leasing: डेटा सेंटर और GCC की नई दौड़, तैयार होने से पहले ही ऑफिस स्पेस फुलपालफिंगर और टीवीएस की बड़ी साझेदारी! पुणे में बनने जा रहा हाईटेक क्रेन प्लांटUSFDA की सख्ती के बाद भी भारतीय दवा कंपनियां कैसे हुईं और मजबूत?Stock Market Today: गिफ्ट निफ्टी में जोरदार उछाल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आज बाजार में आएगी बड़ी तेजी?स्कोडा इंडिया की नई रणनीति, काइलैक से सीएनजी और ईवी में बदलावऑटो उद्योग में भूचाल! कैफे-3 नियमों पर सायम का विरोध
अन्य समाचार मणि शंकर अय्यर ने योजना आयोग के गरीबी के पैमाने की आलोचना की
'

मणि शंकर अय्यर ने योजना आयोग के गरीबी के पैमाने की आलोचना की

PTI

- November,15 2013 8:53 PM IST

उन्होंने कहा, वास्तव में भारत की वास्तविकता को प्रस्तुत करने में योजना आयोग अक्षम रहा है और इससे यह तथ्य उभरकर आता है कि उसने दो डिब्बे में से एक डिब्बे के सभी भारतीयों को एपीएल और बीपीएल में वर्गीकृत कर दिया है। उसमें आप या तो बीपीएल है, जिसका मतलब है कि आप गरीबी रेखा के नीचे हैं या आप एपील हैं जिसका तात्पर्य है कि आप गरीबी रेखा से उपर है।

एलायंस फार इंटेग्रिटी-चिजलिंग द वे फारवर्ड पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन संयुक्त रूप से उद्योग मंडल फिक्की तथा जर्मनी के जीआईजेड ने किया था।

योजना आयोग ने जुलाई में कहा था कि गांवों तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में कमी आयी है।

आयोग के आंकड़ों के अनुसार जो लोग शहरों में अपने उपर रोजाना 33.33 रपये से अधिक तथा गांवों में 27.20 रपये प्रतिदिन से अधिक व्यय करते हैं, वे गरीब नहीं हैं।

जारी भाषा

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement