इंदौर प्रेस क्लब के प्रेस से मिलिये कार्यक्रम में हजारे ने कहा, कोयला घोटाले की तस्वीर एकदम स्पष्ट है। इस घोटाले का सच सामने आ रहा है। लिहाजा मनमोहन का अब ज्यादा देर तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहना ठीक नहीं है। उन्हें नैतिक जिम्मेदारी स्वीकारते हुए इस ओहदे से इस्तीफा दे देना चाहिये।
76 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कथित कोयला घोटाले को बड़ा घपला करार दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच को सही अंजाम तक पहंुचाकर सच को सबके सामने लाने के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों से आशादायी तस्वीर उभरती है।
हजारे ने एक सवाल पर सफाई दी, यह कहना सरासर गलत है कि मैं कांग्रेस के विरोध में हूं। हमें कांग्रेस और भाजपा से कोई लेना..देना नहीं है। लेकिन मेरा सवाल है कि भाजपा ने कोयला घोटाले का संसद में उचित विरोध क्यों नहीं किया।
जारी भाषा हर्ष कवीन्द्र