कोलंबो, 13 नवंबर :भाषा: श्रीलंका में हो रहे राष्ट्रमंडल देशों के शिखर सम्मेलन :चोगम: का बहिष्कार करने की तमिलनाडु के राजनीतिक दलों की मांग को नजरअंदाज करते हुए विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद आज कोलंबो पहुंचे और उन्होंने कहा कि इसमें भारत की मौजूदगी का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे पर भारत का रूख कमजोर नहीं हुआ है।
इस सप्ताह होने जा रहे चोगम सम्मेलन में शामिल होने आए खुर्शीद ने कहा कि राष्ट्रीय हित की खातिर हमें बातचीत जारी रखनी है। उन्होंने कहा कि श्रीलंकाई तमिलों के कल्याण को लेकर भारत प्रतिबद्ध है।
खुर्शीद का पांच दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। उनके साथ विदेश सचिव सुजाता सिंह और अन्य भारतीय अधिकारी यहां आए हैं।
विदेश मंत्री ने अपने साथ विशेष विमान में साथ आए पत्रकारों से कहा कि श्रीलंका के साथ भारत के किसी तरह के संपर्क नहीं रखने की शर्त रखना अस्वीकार्य है।
विदेश मंत्री ने कहा कि वह यहां द्विपक्षीय बातचीत में भाग लेने नहीं बल्कि बहुपक्षीय सम्मेलन में भाग लेने आए हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन से अलग, उनके पास तमिलों को सत्ता के और अधिक विकेन्द्रीकरण किए जाने तथा श्रीलंका से लगने वाले समुद्री जल क्षेत्र में भारतीय मछुआरों पर हमले जैसे मुद्दों को श्रीलंका सरकार के समक्ष उठाने और भारत की चिंता जाहिर करने का मौका होगा।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शुक्रवार से यहां शुरू हो रहे तीन दिवसीय चोगम सम्मेलन में भाग लेने की योजना बना रहे थे। लेकिन तमिलनाडु में चल रही प्रतिस्पर्धी राजनीति और अगले साल होने जा रहे लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में कांग्रेस के अलग थलग पड़ जाने की आशंका के चलते सिंह को बीते सप्ताह अपनी योजना रद्द करनी पड़ी।