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‘वैट की गुत्थी सुलझी नहीं थी कि आ गई नई आफत’

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Last Updated- December 07, 2022 | 3:43 PM IST

सामान व सेवा कर (जीएसटी) लागू करने में परेशानी से बचने के लिए कारोबारियों ने सरकार से वैट प्रणाली में मौजूद जटिलताओं को समाप्त करने की मांग की है।


व्यापारियों ने जीएसटी पर वित्त मंत्रालय से जुड़ी विशेष समिति से गुजारिश की है कि वैट प्रणाली को सरल किए बगैर 1 अप्रैल, 2010 से जीएसटी को लागू करना संभव नहीं हो पाएगा। दिल्ली के व्यापारियों द्वारा वैट पर आयोजित सेमिनार में इस बात पर भी चर्चा हुई कि इस प्रणाली के तहत कर स्पष्ट नहीं है। ऐसे में व्यापारियों को सरकारी तंत्र का शिकार होना पड़ता है।

कारोबारियों का कहना है कि राज्यों के बीच भी इसमें समानता नहीं है। ऐसे में कारोबारियों की राहत के लिए वैट प्रणाली के तहत व्याप्त असमानता को दूर करने की कोशिश की जानी चाहिए।  वैट विशेषज्ञों ने भी व्यापारियों की शिकायतों का समर्थन करते हुए कहा कि वैट के तहत कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उन्हें नोटिस देने की जरूरत नहीं होती।

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First Published - August 7, 2008 | 9:07 PM IST

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