facebookmetapixel
भारत ने अमेरिका के बयान को किया खारिज, कहा: PM मोदी ने ट्रंप से 2025 में आठ बार फोन पर बातचीत कीकेंद्र सरकार ग्रोक चैटबॉट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर कर रही विचार, IT मंत्रालय कर रहा समीक्षाQ3 में मुनाफा कम मगर आय वृद्धि को दम: कॉरपोरेट इंडिया की मिली-जुली तस्वीरED छापे के खिलाफ ममता बनर्जी ने निकाली 10KM लंबी रैली, भाजपा और अमित शाह पर लगाए गंभीर आरोपउत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल की मंडियों में आलू की कीमतें तेजी से गिरीं, किसानों को नहीं मिल रही लागतटैरिफ तनाव से बाजार धड़ाम: सेंसेक्स-निफ्टी में तीन महीने की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावटESOP प्रस्तावों पर Groww कर रही विरोध का सामना, गवर्नेंस पर उठे सवालमौसम, मजदूर व लागत की मार: दार्जिलिंग चाय पर गहराया संकट, 2025 में पैदावार और घटने के स्पष्ट संकेतबैंकों में पड़ी लावारिस जमा राशि पर सरकार सख्त, 14 जनवरी से दावे निपटान की रफ्तार का होगा आकलनUnion Budget 2026 से बड़ी उम्मीद, खपत बढ़ाने और MSMEs को रफ्तार देने पर हो जोर: निर्मल के. मिंडा

…और भी हैं कतार में

Last Updated- December 09, 2022 | 11:11 PM IST

देश की शीर्ष कंपनियां भले ही कर छूट का फ ायदा उठाने के लिए उत्तराखंड में निवेश कर रही हों। लेकिन कई कंपनियां ऐसी भी हैं जिन्होंने सिडकुल के औद्योगिक परिसरों में अपनी निवेश योजनाएं टाल दी हैं।


निवेश योजनाओं को रोकने की घोषणा करने वाली कंपनियों की सूची में हेंज इंडिया, राम सिलेंडर, एल्युडिकोर और आईटीडब्ल्यू जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। इनमें से ज्यादा कंपनियों को उनके फंड भी वापस किए जा चुके हैं।

इन सभी कंपनियों ने पंतनगर और हरिद्वार में मांग से कम भूमि मिलने के कारण नए संयंत्र लगाने की अपनी योजनाएं टाली हैं। अधिकारियों ने कहा कि कई और कंपनियां इन कंपनियों के नक्शेकदम पर चल सकती हैं।

First Published - January 27, 2009 | 8:55 PM IST

संबंधित पोस्ट