facebookmetapixel
Advertisement
बाहरी खतरों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, लेकिन हर जोखिम पर रहेगी पैनी नजर: संजय मल्होत्राRBI FSR 2026: बाहरी झटकों के बावजूद घरेलू फाइनैंशियल सिस्टम मजबूत, AI आधारित साइबर हमले सबसे बड़ा खतराDelhi EV Policy: आपकी पेट्रोल-डीजल, CNG कार नहीं चलेगी? जानिए ऐसे 9 सवालों के जवाबExplainer: जमीन बेचने से हुई कमाई? जानें ‘लैंड सेल’ को लेकर क्या हैं टैक्स के नियम, नहीं तो होगी मुश्किलNoel Tata resign: एक हफ्ते में दूसरा बड़ा कदम, ट्रेंट के बाद वोल्टास को भी अलविदा कहेंगे नोएल टाटाJio IPO के पीछे का सीक्रेट मिशन! मुकेश अंबानी का ‘Project Jupiter’ क्या था?ITR Status Check: ITR फाइल के बाद खुद अपना इनकम टैक्स रिटर्न स्टेटस करें ट्रैक, जानें स्टेप-बाय-स्टेप आसान तरीकाNFO Alert: ICICI PRU MF की 2 नई स्कीम लॉन्च, ₹500 से हाइब्रिड और मल्टी एसेट फंड में निवेश का मौकापश्चिम एशिया संकट की मार! भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुस्ती के संकेत: FICCI सर्वेOYO की पेरेंट कंपनी लाएगी ₹6,650 करोड़ का IPO; जानिए कमाई, कर्ज व प्रमोटर्स से जुड़े सभी जरूरी फैक्ट्स

डूबने लगे प्रॉपटी डीलरों के सितारे

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 3:40 AM IST

रियल एस्टेट की मंदी से न केवल रियल्टी कंपनियों की हालत पतली है, बल्कि प्रॉपर्टी डीलरों का कारोबार भी पस्त है।


पिछले छह महीने में दिल्ली में लगभग 400 से 500 प्रॉपर्टी डीलरों ने अपना काम बंद कर नए धंधें को तलाशना शुरू कर दिया है।

एसोसिएशन ऑफ सर्टीफाइड रियलटर्स ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने बताया कि ‘मंदी से अंसगठित तौर पर प्रॉपर्टी के लेन-देन से जुड़े प्रॉपर्टी डीलरों की किस्मत भी फूट गई है। दिल्ली में लगभग 2000 से 2500 प्रॉपर्टी डीलर अंसगठित तरीके से प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़े है। इनमें से ज्यादातर अंपजीकृत भी है।

इनका मुख्य काम जमीन और मकान की खरीद-फरोख्त में कमीशन लेने वाले बिचौलिये का होता है। लेकिन रियल एस्टेट में मांग न होने कारण इनका धंधा चौपट हो रहा है। बहुत से प्रॉपर्टी डीलरों ने रोजगार के दूसरे धंधों की तलाश शुरू कर दी है।’

दक्षिणी दिल्ली में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम देखने वाले विजेंदर बताते है कि ‘पिछले छह महीनों में प्रॉपटी बाजार में 80 फीसदी की कमी आई है। लोग मकान खरीदना नहीं चाहते है। हमारे लिए मकानों की डील में 1 फीसदी कमीशन निकालना भी मुश्किल होता जा रहा है। पिछले साल नवंबर के महीने में मैंने लगभग 15 मकानों की डील करवाई थी। लेकिन इस बार  अक्टूबर से अब तक सिर्फ दो डील ही हो पाई है। इन डील का कमीशन भी पिछले साल मिले कमीशनों की अपेक्षा 30 से 40 फीसदी कम रहा है।’

द्वारका के होम एक्सप्लोरेशन प्रॉपटी डीलर्स के राम सिंह त्यागी बताते है कि ‘इस समय लोग केवल किराये के मकान ढूंढ रहें हैं। किराये के मकानों की डील से मिलने वाले पैसे से महीने भर का गुजारा चलाना मुश्किल होता जा रहा है। इसलिए हमें दूसरे धंधों की तरफ मुखातिब होना पड़ रहा है। प्रॉपर्टी क्षेत्र के हालात सुधर जाने के बाद हम प्रापर्टी डीलिंग की शुरूआत शायद फिर से कर सकते है।’

Advertisement
First Published - November 17, 2008 | 12:39 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement