facebookmetapixel
Advertisement
कौन हैं ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ एंडी बर्नहैम, जो ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री की रेस में सबसे आगे चल रहे हैंDefence Exports: अमेरिकी हथियारों के विकल्प तलाश रहा यूएई, भारत से ब्रह्मोस खरीदने पर बातचीतTata MF NFO: बदलते सेक्टर ट्रेंड्स से कमाई का मौका, मल्टी-सेक्टर पैसिव FoF में ₹5000 से निवेश शुरूBJP का पहला बंगाल बजट: 1 लाख नौकरियां, DA में 20% इजाफा, अन्नपूर्णा योजना के लिए ₹36,000 करोड़; देखें बड़े ऐलानपश्चिम बंगाल सरकार ने DA/DR 20% बढ़ाया: इससे कर्मचारियों के ‘इन हैंड’ सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी?क्या RBI बढ़ाने जा रहा है ब्याज दरें? MPC मिनट्स में मिले बड़े संकेतAMFI की नई लिस्ट में हो सकते हैं बड़े बदलाव, BSE और Vodafone Idea बन सकते हैं लार्जकैपEPFO Nominee Rule: नॉमिनी नहीं जोड़ा तो क्या डूब जाएगा PF का पैसा? जानिए परिवार को कैसे मिलेगा दावा6-9 महीने में 10% उछाल का अनुमान, क्या आपके पोर्टफोलियो में है यह गैस स्टॉक?ब्रिटिश PM स्टार्मर का इस्तीफा, अंदरूनी कलह के बाद हटे; कहा: पार्टी को नहीं लगता मैं चुनाव जिता सकता हूं

उत्तर प्रदेश में उद्यमियों के लिए आया राहत पैकेज

Advertisement
Last Updated- December 09, 2022 | 4:28 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदी की मार से जूझ रहे उद्यमियों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है। सरकार ने विकास प्राधिकरणों, आवास विकास प्राधिकरणो के आवंटियों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है।


यह राहत उन लोगों पर लागू होगी जिनकी किस्ते समय से अदा नही हो पायी हैं। ऐसे आवंटियों को कम ब्याज पर भुगतान की सुविधा दी जाएगी।

साथ ही उन्हें आसान किस्तों का विकल्प भी दिया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने रजिस्ट्री कराने में दी गयी स्टैंप डयूटी में छूट की अवधि भी छह महीने के लिए बढ़ा दी है।

गौरतलब है कि बड़ी तादाद में औद्योगिक घरानों ने उत्तर प्रदेश में नोयडा और ग्रेटर नोयडा के साथ-साथ कई विकास प्राधिकरणो में अपनी परियोजनाओं के लिए भूखंडों का आवंटन करा रखा है।

बाजार की हालत प्रतिकूल होने की दशा में इन घरानों के लिए परियोजना पर काम शुरु कर पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। ऐसी दशा में सरकार ने राहत पैकेज का ऐलान कर उद्यमियों की राह को आसान कर दिया है।

नए प्रावधानों के तहत सरकार ने यह व्यवय्था दी है। कि आवंटी अपने आवंटन को बचाने के लिए नए शर्तों के साथ भुगतान के लिए आवेदन पत्र को 30 जून, 2009 तक शासन को उपलब्ध करा दे।

आवेदक के सामने दो ही विकल्प होंगे या तो वह नयी शर्तों के साथ भुगतान को राजी है अथवा अपने आवंटन को सरेंडर कर दे। इसके अलावा अब नए साल में भी रजिस्ट्रयों पर सात फीसदी की दर से ही स्टैंप शुल्क लगेगा।

मंदी में राहत

विकास प्राधिकरणों के आवंटियों के लिए राहत पैकेज की घोषणा

रजिस्ट्री में दी गई स्टाम्प डयूटी में छूट की अवधि को भी छह महीने के लिए बढ़ाया गया

Advertisement
First Published - January 1, 2009 | 8:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement