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अब सस्ते मकानों पर शुरु र्हुई जंग

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Last Updated- December 10, 2022 | 1:22 AM IST

भले ही मंदी में रियल एस्टेट का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, पर उसके बावजूद उत्तर प्रदेश में सस्ते मकानों की कीमत को लेकर जंग शुरु हो गई है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के बाद अब निजी क्षेत्र की कंपनी अंसल भी इस मैदान में कूद पड़ी है। अंसल ने एलडीए से कम कीमत पर अपार्टमेंट देने की घोषणा की है।
अंसल के अपार्टमेंटों का पंजीकरण सोमवार से जनता के खोल दिया गया है जबकि एलडीए की बहुप्रचारित ऐशबाग टावर्स योजना के लिए पंजीकरण अभी शुरू तो नहीं हुआ है पर इसके लिए खरीदारों की ओर से भारी संख्या में पूछताछ जारी है।
खास बात तो यह है कि अंसल ने अपनी हाई-टेक सिटी परियोजना सुशांत गोल्फ सिटी में अपार्टमेंट बनाने का फैसला ऐसे समय में किया है जब ज्यादातर रियल एस्टेट कंपनियां नई परियोजनाओं से दूरी बनाकर चल रही हैं। मंदी का आलम तो यह है कि कुछ समय पहले तो कंपनियां अपनी मौजूदा परियोजनाओं को ही टालने में जुटी हुई थीं।
अंसल ने एक  बेडरूम के अपार्टमेंट की कीमत 6.83 लाख रुपये तय की है, जबकि दो बेडरूम के मकान की कीमत 10 लाख रुपये रखी गयी है। वहीं दूसरी ओर एलडीए ने अपने ऐशबाग टावर्स परियोजना के लिए एक बेडरूम के अपार्टमेंट की कीमत 12 लाख और दो बेडरूम के अपार्टमेंट की कीमत 19 लाख रुपये रखी है।
यानी कि कीमत के बाजार में इस बार इस निजी रियल एस्टेट कंपनी ने सरकारी मकानों को भी पछाड़ दिया है। वहीं एलडीए के अधिकारियों की इस बारे में राय है कि मौजूदा समय में बाजार की हालत इतनी खस्ता है कि जल्द ही कुछ और कंपनियां इस कीमत की लड़ाई में कदम रख सकती हैं।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसे समय में जब इकोनॉमी और सस्ते मकानों की ही मांग है तो कोई भी कंपनी इससे दूरी बनाकर नहीं चल सकती। एलडीए की ऐशबाग टावर्स परियोजना में एक और दो बेडरूम के 500-500 अपार्टमेंट बना रही है।
हालांकि पहले घोषणा की गयी थी कि इन अपार्टमेंट के दाम 10 और 12 लाख रुपये रखे जाएंगे पर बाद में इसकी कीमत बढ़ा कर विज्ञापन निकाला गया। 

असंल के अपार्टमेंट को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। अभी बीते साल ही असंल की सुशांत गोल्फ सिटी में कमजोर आय वर्ग के लिए मकानों का पंजीकरण खोला था।
इन मकानों की कीमत 6.5 लाख रुपये रखी गयी थी और जनता ने इसे हाथों-हाथ लिया था। कम कीमत के मकानों की जबरदस्त मांग के चलते आशा की जा रही है कि अंसल के मकानों की खासी मांग रहेगी।
इससे पहले आवास विकास परिषद नें राजधानी लखनऊ और मुरादाबाद में स्ववित्त पोषित योजना के तहत कम कीमत के भूखंडो के लिए पंजीकरण खोला था।  इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, इसी महीने की 10 तारीख को कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के मकानों का पंजीकरण बंद हुआ है।
मंदी में भी सस्ते मकान देने की होड़
अंसल ने एलडीए से भी सस्ते मकान देने का ऐलान कर दिया है। कंपनी की हाई-टेक सिटी परियोजना के लिए पंजीकरण सोमवार को शुरू किया जा चुका है।

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First Published - February 17, 2009 | 9:23 PM IST

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