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मामले बढ़े तो दिल्ली में मिनी लॉकडाउन

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Last Updated- December 11, 2022 | 10:34 PM IST

दिल्ली सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) का पहला स्तर लागू करने का निर्णय लिया है। यह स्तर लगातार दो दिन तक संक्रमण दर 0.50 फीसदी रहने पर लागू होता है और दिल्ली में दो दिन से संक्रमण दर 0.50 फीसदी से ज्यादा है। इस स्तर के तहत येलो अलर्ट जारी किया जाता है। ग्रेप के लागू होने से अब दिल्ली में शिक्षा संस्थान स्कूल-कॉलेज आदि, सिनेमा हॉल, थिएटर, बैंक्वेट हॉल, जिम, मनोरंजन पार्क बंद रहेंगे। नई पाबंदियों के तहत अब शादी-विवाह और अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोगों के शामिल होने की इजाजत रहेगी। नाइट कफ्र्यू भी रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक लगेगा। आवश्यक सामान की दुकानों को छोड़कर बाजारों अन्य दुकानें व मॉल के अंदर दुकानें सुबह 10 से रात 8 बजे तक सम-विषम के आधार पर खुलेंगी। हालांकि आवासीय क्षेत्रों में एकल दुकानें बिना सम-विषम के सुबह 10 बजे से रात बजे तक खुलेंगी। साप्ताहिक बाजार एक जोन में केवल एक खुलेगा, जिसमें 50 फीसदी दुकानदारों को ही इजाजत होगी। मेट्रो और बसें 50 फीसदी क्षमता पर चलेंगी और इनमें खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। रेस्टोरेंट बैठने की 50 फीसदी क्षमता के साथ सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक और बार 50 फीसदी क्षमता के साथ दोपहर 12 से रात 10 बजे तक खुलेंगे। धार्मिक स्थल खुले रहेंगे लेकिन श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी। सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों पर रोक रहेगी। सरकारी दफ्तरों (ए ग्रेड और इससे ऊपर के अलावा) व निजी दफ्तर में 50 फीसदी स्टाफ आएगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वायरस का नया रूप ओमीक्रोन भी तेजी से फैल रहा है। हालांकि इसके लक्षण हल्के हैं और यह ज्यादा खतरनाक नहीं होता है। संक्रमण दर दो दिन से 0.50 फीसदी से ऊपर है। इसलिए कोरोना संबंधी ग्रेप का पहला चरण लागू करने का निर्णय लिया गया है। केजरीवाल ने लोगों से मास्क पहनने, शारीरिक दूरी बनाए रखने और बार बार सैनिटाइज करने की अपील की। साथ ही लोगों को चेताया कि बाजारों में भीड़ जमा ना करें। भीड़ होने पर मजबूरी में बाजार बंद करने पड़ सकते हैं। जिससे लोगों की रोजी रोटी जाती है।
कोविड नियमों के उल्लंघन में 754 चालान
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राष्ट्रीय राजधानी में लागू रात्रि कफ्र्यू के पहले दिन कोविड उपयुक्त व्यवहार के उल्लंघन के लिए 400 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गईं और 754 चालान काटे गए। दिल्ली पुलिस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, रात्रि कफ्र्यू के दौरान सोमवार रात 11 बजे से मंगलवार तड़के 5 बजे तक कोविड दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ धारा 188 (लोक सेवक के विधिवत आदेश की अवज्ञा) के तहत 411 प्राथमिकी दर्ज की गईं और 754 चालान जारी किए गए।
दिल्ली में ‘ओमीक्रोन’ के मामले बढ़कर 165 हुए
दिल्ली में ‘ओमीक्रोन’ के मामले बढ़कर 165 हो गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। दिल्ली में मंगलवार को कोरोनावायरस संक्रमण के 496 नए मामले सामने आए, जो चार जून के बाद से एक दिन में सामने आए मामलों की सर्वाधिक संख्या है। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 24 घंटे में महामारी से एक मरीज की मौत हुई जबकि संक्रमण की दर बढ़कर 0.89 प्रतिशत हो गई।  राज्य में कोविड-19 से अब तक कुल 25,107 रोगी दम तोड़ चुके हैं। दिल्ली में इस साल चार जून को कोविड-19 के 523 मामले सामने आए थे और संक्रमण की दर 0.68 प्रतिशत दर्ज की गई ।
एहतियाती खुराक के लिए चिकित्सक के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं
केंद्र ने मंगलवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को कोविड​​-19 टीके की एहतियाती खुराक (तीसरी खुराक) लगाते समय चिकित्सक से प्राप्त कोई प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने या सौंपने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे व्यक्तियों से अपेक्षा की जाती है कि वे एहतियाती खुराक या तीसरी खुराक लेने का निर्णय लेने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह लें। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि चुनाव वाले राज्यों में चुनाव ड्यूटी पर तैनात किए जाने वाले कर्मियों को अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
भूषण ने कहा कि एहतियाती खुराक (प्रीकॉशन डोज) के लिए ऐसे लाभार्थियों की पात्रता दूसरी खुराक के लेने की तारीख पर आधारित होगी, जैसा कि कोविन प्रणाली में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि एहतियाती खुराक दूसरी खुराक लेने की तारीख से नौ महीने या 39 सप्ताह पूरे होने पर ली जा सकती है।
उन्होंने बताया कि कोविन एहतियाती खुराक के लिए पात्र सभी लोगों को संदेश भेजेगा, जो डिजिटल टीकाकरण प्रमाणपत्रों में दिखाई देगा। भूषण ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक कार्यशाला की अध्यक्षता की, जिसमें 15-18 आयु वर्ग के लिए टीकाकरण और स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मियों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को एहतियाती तीसरी खुराक दिए जाने के संबंध में समीक्षा की गई।     भाषा

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First Published - December 28, 2021 | 11:49 PM IST

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