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तेलंगाना में माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा निवेश

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:51 PM IST

अमेरिका की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट और तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद में 15,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए एक सौदे को अंतिम रूप दिया है। इसके लिए शहरी के समीप 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। समझा जाता है कि इस परियोजना से राज्य में करीब 300 लोगों के लिए रोजगार सृजित होंगे।
इस मामले से अवगत सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में औपचारिक घोषण एक महीने के भीतर की जाएगी। बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा इस बाबत पूछे जाने पर माइक्रोसॉफ्ट ने कोई जवाब नहीं दिया। तेलंबाना देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जिसने डेटा सेंटर नीति  तैयार की है। राज्य ने 2016 में यह नीति तैयार की थी। राज्य अगले पांच वर्षों के दौरान इस क्षेत्र में करीब 10 अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद कर रहा है। साल 2020 के आखिर में एमेजॉन वेब सर्विसेज (एडब्लयूएस) ने देश में दूसरे डेटा सेंटर की तेलंगाना में 2.77 अरब डॉलर के निवेश से करने की घोषणा की थी। फ्लिपकार्ट और सीटीएलएस भी राज्य में ऐसे केंद्र स्थापित कर रहे हैं।
पिछले साल माइक्रोसॉफ्ट ने कहा था कि वह निकट भविष्य में हर साल करीब 50 से 100 नए डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही है। फिलहाल वह दुनिया भर में करीब 200 डेटा सेंटर का परिचालन करती है। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने 1998 में हैदराबाद में एक आरऐंडडी केंद्र स्थापित किया था। वह कंपनी का एक सबसे बड़ा आरऐंडडी केंद्र है।
कंपनी ने 2019 में रिलायंस जियो के साथ ही दीर्घकालिक गठबंधन के लिए करार किया था। इसके तहत भारत में क्लाउड डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना है।
जेएलएल की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की मौजूदा 499 मेगावॉट डेटा सेंटर क्षमता में से करीब 45 फीसदी क्षमता देश की वित्तीय राजधानी मुंबई के बार स्थापित है। उसके बाद चेन्नई, पुणे और बेंगलूरु में से प्रत्येका का योगदान करीब 12 फीसदी है जबकि दिल्ली करीब 8 फीसदी, हैदराबाद करीब 7 फीसदी और कोलकाता 1 फीसदी का योगदान करता है। तेलंगाना इस क्षेत्र के निवेशकों को आकर्षक रियायत देते हुए इस खाई को पाटने की कोशिश कर रहा है।

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First Published - January 20, 2022 | 11:08 PM IST

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