facebookmetapixel
Advertisement
वाराणसी में ₹50,000 करोड़ का निवेश, एरोसिटी और तीन नई टाउनशिप से रियल एस्टेट में आएगी बड़ी छलांग!मंदिर अर्थव्यवस्था का चमत्कार: अकेले वाराणसी में पर्यटकों से हर साल पैदा हो रही ₹1.25 लाख करोड़ की इकोनॉमी!वेस्ट टू वेल्थ से चमकेगी यूपी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि कचरा अब बनेगा कमाई का बड़ा जरियाUbharta Purvanchal: एक्सप्रेसवे और MSME के दम पर UP को $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाएगा पूर्वांचल!MSME निर्यातकों को बड़ी राहत देने की तैयारी, नकदी संकट दूर करने के लिए नया फाइनेंस ढांचा बनाएगी सरकारकच्चे तेल में नरमी का असर: सरकार ने डीजल और विमान ईंधन पर घटाया विंडफॉल टैक्स, पेट्रोल पर बढ़ाया!Editorial: सरकारी आंकड़ों के लिए देश का पहला AI चालित साझा डेटा मंच बेहद जरूरी कदमविकसित भारत के लिए नीतियों और अभियानों से ज्यादा गतिशील संस्थाओं की जरूरतIBC में हितों का टकराव: खुद फैसला लेने वाले वित्तीय ऋणदाताओं को फायदा, परिचालन ऋणदाता बेआवाजShare Market: Sensex 250 अंक टूटा, Iran-US तनाव और IT शेयरों ने बिगाड़ा खेल

उप्र में उद्योगों के लिए लैंड बैंक नीति जल्द

Advertisement
Last Updated- December 15, 2022 | 1:34 AM IST

उत्तर प्रदेश में निवेश करने वाले उद्योग समूहों की सहूलियत के लिए योगी सरकार जल्दी ही अपनी लैंड बैंक नीति घोषित करेगी। प्रदेश सरकार ने उद्योगों की स्थापना के लिए 20,000 एकड़ का लैंड बैंक तैयार किया है।
प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग बंधु के परिवर्तित स्वरूप इन्वेस्ट यूपी की बैठक में उद्यमियों, व्यापार संगठनों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि रक्षा एवं वैमानिकी, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मास्युटिकल उद्योग जैसे क्षेत्र अब राज्य में निवेश के नए केंद्र बन कर उभरे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नोएडा क्षेत्र को उत्तरी भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन सालों में बहुत कुछ बदला है, बदलाव की यह प्रक्रिया जारी है। बेहतर कानून व्यवस्था, सभी महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए नई औद्योगिक नीति का नतीजा है कि हम राष्ट्रीय स्तर पर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में 12 वें पायदान से दूसरे स्थान पर आ चुके हैं।
फिक्की, एसोचैम, सीआईआई, लघु उद्योग भारती और आईआईए जैसे औद्योगिक संगठनों के प्रमुखों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, वस्त्रोद्योग, पर्यटन और फिल्म आदि क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में पारंपरिक निवेश के अवसरों के अतिरिक्त सौर ऊर्जा, जैव ईंधन और नागरिक उड्डयन में उपलब्ध असीम संभावनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दादरी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और बोडाकी में ट्रांसपोर्ट हब, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को उत्तरी भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि रक्षा औद्योगिक गलियारा  एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इससे मेक इन इंडिया डिफेंस के लिए राज्य में मौजूद विशाल एमएसएमई आधार को लाभ मिलेगा। रक्षा औद्योगिक गलियारा में 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की सम्भावना है।  नए निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश में 20,000 एकड़ का एक लैंड बैंक तैयार है। इसके अलावा, राज्य सरकार एक व्यापक लैंड बैंक पॉलिसी की योजना बना रही है, जिसमें लैंड लीजिंग, लैंड पूलिंग, एक्सप्रेसवे के किनारे तेजी से अधिग्रहण, अतिरिक्त भूमि की सब-लीजिंग आदि विषय सम्मिलित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैर-आईटी आधारित स्टार्टअप को भी प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्ट-अप नीति के दायरे का विस्तार करते हुए यूपी स्टार्ट-अप नीति-2020 और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग नीति-2020 जैसी नई नीतियों की घोषणा भी की गई है।  डेटा सेंटर नीति, फार्मा और नई खाद्य प्रसंस्करण नीति भी जल्दी घोषित की जाने वाली हैं। उन्होंने कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बन रहा है और कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा शीघ्र ही प्रारंभ ही जाएगा। इसके अलावा, 25 घरेलू हवाई अड्डे भी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे।
कोरोना संकट के दौर में उद्योगों की मदद के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकों की ओर से अभी तक विभिन्न ऑनलाइन कैंपों के जरिये लगभग 3.70 लाख एमएसएमई इकाइयों को 13382 करोड़ रुपये के कर्ज उपलब्ध कराए गए हैं। इसी वित्त वर्ष में प्रदेश सरकार का कम से कम 20 लाख इकाइयों को लगभग 80,000 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए जाने का लक्ष्य है।

Advertisement
First Published - September 22, 2020 | 12:19 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement