facebookmetapixel
Advertisement
केसरिया जर्सी पर विवाद, भारतीय हॉकी की नीली पहचान पर बहसट्रंप का दावा: युद्ध खत्म करने के समझौते की रूपरेखा तैयार, फिलहाल हमले टलेयुवाओं पर पीएम मोदी का फोकस, नशा-मुक्त भारत अभियान के तहत लाखों युवाओं को दिलाई नशा विरोधी शपथअमेरिका में दवा बनाने की जल्दी नहीं, टैरिफ के खतरे के बावजूद भारत में ही रहेगा कंपनियों का विनिर्माणउदारीकरण के 35 साल: 1991 में सेंसेक्स में थीं जो 30 कंपनियां, उनमें अब 7 ही बचीं; बेंचमार्क सूचकांक में आया बड़ा बदलावबिज़नेस स्टैंडर्ड सर्वेक्षण: रीपो दर में बदलाव के नहीं आसार, अगली बैठक में हो सकता है बड़ा फैसलानिवेश में जोरदार उछाल या आंकड़ों का भ्रम? 4 परमाणु परियोजनाओं ने बदल दी पूरी तस्वीर45% घटा हाईवे निर्माण, पश्चिम एशिया संकट और बिटुमन की कमी बनी बड़ी वजहनई ईपीएफ योजना में बदला कायदा क्या है नुकसान और क्या है फायदा?IT Funds: जुलाई की रिकॉर्ड तेजी के बीच निवेशकों ने निकाला पैसा, मुनाफावसूली या रणनीति में बदलाव

सरकारी फरमान से उद्योग हलकान

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 12:12 AM IST

आर्थिक मंदी से जूझते उद्योगों के लिए पंजाब सरकार के एक फरमान ने कोढ़ में खाज का काम किया है। राज्य सरकार ने सभी उद्योगों से कर्मचारियों के  वेतन में वृद्धि करने के लिए कहा है।
हालांकि कंपनियों ने आर्थिक मंदी की दुहाई देते हुए ऐसा करने में अपनी असमर्थता जताई है।पंजाब चैंबर ऑफ स्मॉल एक्सपोर्टर्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ए के कोहली ने बताया, ‘मौजूदा मंदी के हालात में सरकार हमसे कर्मचारियों के वेतन में न्यूनतम वृद्धि की उम्मीद कैसे कर सकती है। वह भी सितंबर 2008 से।’
उन्होंने बताया, ‘मंदी के कारण निर्यातकों, उद्योगपतियों पर पहले से ही दबाव है। ऐसे में सरकार का यह फरमान हमारे लिए मुसीबतें ही बढ़ाएगा।’ पंजाब सरकार के गजेट में 7 जनवरी को यह अधिसूचना प्रकाशित की गई है।
उद्योगपति और निर्यातक पहले ही कर्मचारियों को सितंबर से दिसंबर तक का वेतन दे चुके हैं। इसके अलावा वह ईएसआई और पीएफ रिटर्न भी भर चुके हैं। उनका कहना है कि अब इस अधिसूचना को लागू करने से काफी दिक्कत हो जाएगी। इससे अतिरिक्त कागजी काम ही नहीं बढेग़ा बल्कि पंजाब के कारोबारियों द्वारा इस अधिसूचना को लागू कराने के लिए काफी मशक्कत भी करनी पड़ेगी। 
जालंधर औद्योगिक परिसंघ और कारोबारी संगठन के अध्यक्ष गुरुशरण सिंह ने बताया,’हमने राज्य के मुख्यमंत्री से इस अधिसूचना में हस्तक्षेप कर सुधार करने के लिए कहा है। इससे उद्योग अतिरिक्त कागजी काम होने वाली दिक्कतों से बचेंगे।’

Advertisement
First Published - February 6, 2009 | 8:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement