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लोकल ट्रेनों में पूर्ण टीकाकरण वालों को ही अनुमति का फैसला अवैध

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:06 PM IST

मुंबई लोकल ट्रेन में टीकाकरण के बिना यात्रा की अनुमति नहीं देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को अदालत ने अवैध करार दिया। राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाने के विरुद्ध बंबई उच्च न्यायालय में जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। राज्य सरकार अपने आदेश को वापस ले लिया। अब लोकल ट्रेन में लोग पहले की तरह यात्रा कर सकेंगे।
बंबई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार का 2021 का वह आदेश अवैध है जिसमें केवल उन लोगों को ही लोकल ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति दी गई है जिनका पूर्ण कोविड टीकाकरण हो चुका है। अदालत ने इसके साथ ही कहा कि यह आदेश स्पष्ट रूप से नागरिकों के मौलिक अधिकारों को भी प्रभावित करता है। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एम. एस. कार्णिक की खंडपीठ ने कहा कि सरकार के तत्कालीन मुख्य सचिव सीताराम कुंटे द्वारा हस्ताक्षरित तीनों आदेश आपदा प्रबंधन नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया से स्पष्ट रूप से अलग थे ।
सरकार के वकील अनिल अंतूरकर ने मंगलवार को अदालत को सूचित किया कि विचाराधीन तीनों आदेश (15 जुलाई, 10 अगस्त और 11 अगस्त, 2021 को जारी किए गए) वापस ले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियों की भावना के तहत तीनों आदेश वापस लिए जाते हैं। राज्य कार्यकारी समिति की 25 फरवरी को बैठक होगी जिसके बाद नए निर्देश जारी किए जाएंगे। पीठ ने कहा कि सोमवार को मुंबई में कोरोना वायरस के संक्रमण के नए मामलों की संख्या 20 महीनों में सबसे कम थी। हम आशा और विश्वास करते हैं कि राज्य कार्यकारी समिति कोविड​​​​-19 के मामलों में कमी की प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए 25 फरवरी को कोई उचित निर्णय लेगी। मामले में अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी।

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First Published - February 22, 2022 | 9:13 PM IST

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