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…मगर यूपी में त्योहारी रंग में ‘वैट’का भंग

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Last Updated- December 07, 2022 | 10:44 PM IST


वैट की बढ़ी दरों की अधिसूचना जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश में महंगाई की पहली मार दशहरा और नवरात्र की खरीदारी करने वालों पर पड़ रही है। किराना व्यापारियों ने मेवे सहित अन्य रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ा दिए हैं। वैट की दरों में संशोधन का सबसे ज्यादा असर पान मसाला उद्योग पर पड़ा है, जहां इस्तेमाल में आने वाली लगभग सभी चीजों के दाम बढ़ गए हैं। हालांकि पान मसाला कंपनियों ने अभी दाम बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन जल्दी ही इसके दाम बढ़ने की संभावना है। नवरात्र और दीपावली को देखते हुए मेवे के दाम भी 10 से 15 फीसदी तक थोक बाजारों में चढ़ गए हैं।


लखनऊ के थोक बाजारों में काजू के दाम 250-300 रुपये प्रति किलो से बढ़ कर 275-325 रुपये हो गए हैं। जबकि बादाम गिरी की कीमत 290 रुपये प्रति किलो के मुकाबले बढ़कर 315 रुपये हो गई है। अच्छी क्वॉलिटी के बादाम की कीमत थोक बाजार में 300 रुपये से बढ़कर 325 रुपये हो गए हैं। इसी तरह मखाना की कीमत 150 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 175 रुपये प्रति किलो हो गई है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रवक्ता चंद्र कुमार छाबड़ा ने बताया कि त्योहारों से पहले सरकार ने रोजमर्रा की चीजों पर वैट की दर बढ़ा कर मुश्किल खड़ी कर दी है। सरकार का वैट के बाद कीमतें घटने का दावा खोखला साबित हो चुका है। फुटकर दुकानदारों ने भी मनमानी कीमतें लेनी शुरू कर दी हैं।

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First Published - October 3, 2008 | 8:43 PM IST

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