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पश्चिम उत्तर प्रदेश में भी कायम रही भाजपा पकड़

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Last Updated- December 11, 2022 | 8:49 PM IST

किसानों की नाराजगी, जाट-मुस्लिम एकता और ताकतवर विपक्षी गठबंधन के चलते पश्चिम उत्तर प्रदेश में सत्तीधारी भारतीय जनता पार्टी को संभावित नुकसान की आशंका निर्मूल साबित हुई है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में भाजपा की मजबूत पकड़ बनी रहने के संकेत दे दिए हैं।
चुनाव अभियान के दौरान राजनीतिक विश्लेषक पश्चिम उत्तर प्रदेश में भाजपा को बड़े नुकसान की ओर इशारा कर रहे थे। गन्ना किसानों का बकाया भुगतान न होना, साल भर से ज्यादा चले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में पश्चिम के किसानों की बड़े पैमाने पर भागीदारी और ताकतवर जाट सुदाय की एक बार फिर मुश्लिमों के साथ बढ़ती नजदीकी के चलते भाजपा को नुकसान का अनमान लगाया गया था। हालांकि नतीजों ने साबित कर दिया है कि ज्यादातर इलाकों में उसे कोई खास नुकसान नही हुआ है। दिल्ली से सटे शहरी इलाकों में तो भाजपा ने बड़ी तादाद में जाट समुदाय की मौजूदगी के बाद पहले जैसा ही प्रदर्शन किया है। पश्चिम के आगरा-मथुरा जैसे जाट व दलित बहुल इलाकों में भाजपा ने जीत का परचम लहराया है।
गौतमबुद्धनगर (नोएडा) जिले की तीनों सीटों पर 2017 की तरह भाजपा के उ मीदवारों ने बड़ी जीत हासिल की है। नोएडा शहर की सीट पर एक बार फिर से भाजपा उ मदीवार पंकज सिंह ने एक लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया है। मथुरा शहर की सीट से एक बार फिर से प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा चुनाव जीत गए हैं तो आगरा ग्रामीण से उत्तराखंड के राज्यपाल पद से इस्तीफा देने वाली भाजपा की बेबीरानी मौर्य चुनाव जीत गयी हैं। भाजपा ने पश्चिम में आगरा व मथुरा जिले में 2017 के विधानसभा चुनावों की तर्ज पर शानदार सफलता हासिल की है। सहारनपुर जिले में योगी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे सपा के टकट पर चुनाव लडऩे वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री धर्म सिंह सैनी चुनाव हार गए हैं।
पश्चिम में जहां जाट बहुत जिलों में भाजपा का प्रदर्शन ठीक रहा है, वहीं मुस्लिम बहुल जिलों मुज फरनगर, मुरादाबाद व मेरठ में कुछ स्थानों पर उसे हार का सामना करना पड़ा है। योगी सरकार में मंत्री रहे सुरेश राणा शामली के थानाभवन सीट पर व कपिलदेव अग्रवाल मेरठ में पीछे चल रहे थे। वहीं चर्चित भाजपा विधायक संगीत सोम को भी सरधना में सपा प्रत्याशी अतुल प्रधान ने मुसीबत में डाला हुआ था।

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First Published - March 10, 2022 | 11:09 PM IST

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