First Time Loan: पहली बार लोन लेना कई लोगों के लिए बड़ा वित्तीय फैसला होता है। ऐसे में सिर्फ यह देखना कि बैंक या लोन कंपनी कितनी रकम देने को तैयार है, पर्याप्त नहीं है। लोन लेने से पहले अपनी आय, मौजूदा कर्ज, नियमित खर्च और हर महीने चुकाई जाने वाली EMI का सही आकलन करना जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही आगे चलकर आर्थिक दबाव बढ़ा सकती है।
Cashlo App के को-फाउंडर राशिद अली और PayMe के संस्थापक एवं सीईओ महेश शुक्ला के मुताबिक, पहली बार कर्ज लेने वालों को कुछ आम गलतियों से विशेष रूप से बचना चाहिए।
कई लोग अपनी वास्तविक जरूरत के बजाय इस आधार पर लोन लेते हैं कि उन्हें अधिकतम कितनी राशि मिल सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह तरीका सही नहीं है। लोन उतना ही लेना चाहिए जितनी वास्तव में जरूरत हो और जिसे तय समय में आसानी से चुकाया जा सके।
लोन लेने से पहले अपनी टेक-होम सैलरी, मौजूदा EMI, अन्य देनदारियों और हर महीने होने वाले जरूरी खर्चों का हिसाब लगाना चाहिए। इसके बाद ही यह तय करें कि नई EMI आपकी आर्थिक स्थिति के लिए कितनी उचित है।
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कम EMI देखकर लोन आकर्षक लग सकता है, लेकिन इससे लोन की कुल लागत कम हो, यह जरूरी नहीं है। लंबी अवधि चुनने पर EMI कम हो सकती है, लेकिन कुल ब्याज अधिक चुकाना पड़ सकता है।
इसलिए लोन लेते समय ब्याज दर के साथ प्रोसेसिंग फीस, लेट पेमेंट चार्ज और दूसरे लागू शुल्कों को भी ध्यान से समझें। सिर्फ EMI नहीं, बल्कि पूरी अवधि में चुकाई जाने वाली कुल रकम पर ध्यान देना जरूरी है।
पहली बार कर्ज लेने वाले कई बार लोन की शर्तों को ठीक से पढ़े बिना दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर देते हैं। इससे बाद में अतिरिक्त शुल्क या दूसरी शर्तों को लेकर परेशानी हो सकती है।
लोन एग्रीमेंट में ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, भुगतान की तारीख, देरी होने पर लगने वाले शुल्क और दूसरी महत्वपूर्ण शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। किसी शर्त को समझने में परेशानी हो तो लोन लेने से पहले उसकी जानकारी स्पष्ट कर लेना बेहतर है।
लोन लेने की कोशिश में एक ही समय पर कई बैंकों या लोन संस्थानों में आवेदन करना भी सही तरीका नहीं माना जाता। कई जगह आवेदन करने से क्रेडिट प्रोफाइल पर असर पड़ सकता है।
इसलिए पहले अपनी जरूरत और पात्रता के अनुसार विकल्पों की तुलना करें और फिर सोच-समझकर आवेदन करें।
एक कर्ज चुकाने के लिए बार-बार नया कर्ज लेना वित्तीय दबाव बढ़ा सकता है। इससे कुल देनदारी बढ़ने का जोखिम रहता है और व्यक्ति कर्ज के चक्र में फंस सकता है। नया लोन लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि उसकी EMI और कुल लागत आपकी आय के अनुरूप है या नहीं।
लोन लेने के बाद समय पर EMI का भुगतान करना उतना ही जरूरी है जितना सही लोन चुनना। EMI में देरी होने पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है और क्रेडिट प्रोफाइल पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। भविष्य में नया लोन लेने के समय इसका प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है।
पहली बार लोन लेने वालों को तीन बातों पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए: लोन की वास्तविक जरूरत, उसकी कुल लागत और अपनी रीपेमेंट कैपेसीटी। लोन की रकम जितनी जरूरी हो उतनी ही रखें और ऐसी EMI चुनें जिसे नियमित आय से बिना अनावश्यक आर्थिक दबाव के चुकाया जा सके।
सही जानकारी और अपनी वित्तीय क्षमता का आकलन करके लिया गया लोन भविष्य में अनावश्यक कर्ज के बोझ से बचाने में मदद कर सकता है।