facebookmetapixel
Advertisement
Share Market: RBI के फैसले के बाद क्यों गिरा शेयर बाजार?मध्य प्रदेश कांग्रेस में असंतोष की लहर! मीनाक्षी नटराजन के राज्य सभा में जाने की राह मुश्किल क्यों?टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल को मिली नई उड़ान, लेकिन आगे कई चुनौतियां भी: चंद्रशेखरनAI के नाम पर इन भारतीय शेयरों ने दिया 500% तक का छप्परफाड़ रिटर्न, जानिए क्या है असली खेलओवरटाइम का पैसा देने से कंपनी करती हैं आनाकानी? जानें नए नियमों से कर्मचारियों को क्या-क्या मिलती है सुरक्षाRBI के ‘वेट एंड वॉच’ रुख के बाद Bank Stocks में मौका? एक्सपर्ट ने चुने टॉप पिक्सFY26 में 7.7% की रफ्तार से बढ़ी देश की अर्थव्यवस्था, पिछली तिमाही में 7.8% रही GDP ग्रोथ रेटसिर्फ निवेश करना काफी नहीं! जानिए इन्वेस्टमेंट की शुरुआत करने से पहले क्यों जरूरी है हेल्थ इंश्योरेंसबढ़ते दामों के बीच अल्ट्राटेक, जेके सीमेंट पर भरोसा बरकरार, लेकिन सेक्टर को लेकर सतर्क ब्रोकरेजNPS में शामिल होना और आसान! क्या है नया StAR NPS प्लेटफॉर्म, जो आपको पेंशन फंड बनाने में करेगा मदद

सावधान! कहीं आप भी तो नहीं फंस रहे अवैध बेटिंग ऐप्स के जाल में? नितिन कामथ ने दी चेतावनी

Advertisement

नितिन कामथ ने अवैध विदेशी सट्टेबाजी ऐप्स से आगाह किया है, जो UPI और सोशल मीडिया के जरिए भारतीयों को ठग रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर सावधानी बेहद जरूरी है

Last Updated- March 09, 2026 | 5:56 PM IST
offshore betting
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

जीरोधा के CEO नितिन कामथ ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि भारत में ऑफशोर बेटिंग और मनी-गेमिंग ऐप्स का धड़ल्ले से फैलाव हो रहा है। असल में, जब से सरकार ने कई रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया, तब से ये विदेशी ऐप्स तेजी से बढ़ रहे हैं। ये ऐप्स भारत के नियमों से बाहर रहते हुए UPI जैसे डिजिटल पेमेंट सिस्टम का फायदा उठा रहे हैं।

यूजर्स को कैसे फंसाया जाता है

ये प्लेटफॉर्म्स सोशल मीडिया पर खूब प्रचार करते हैं। इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स और टेलीग्राम पर इन्फ्लुएंसर्स और पेड ऐड्स के जरिए लोगों को लुभाया जाता है। इसमें साइन-अप बहुत आसान होता है, बस मोबाइल नंबर डालो, OTP से वेरिफाई करो और बस हो गया।

फिर छोटी-छोटी रकम से शुरूआत करवा देते हैं, जैसे सिर्फ 300 रुपये का टॉप-अप। PhonePe, Google Pay या Paytm से पैसे डालना इतना आसान कि नए यूजर्स को लगता है कोई रिस्क नहीं। पैसे जमा होते ही ये अक्सर पूल में डालकर विदेशी बेटिंग ऑपरेटर्स तक पहुंच जाते हैं। क्रिकेट मैचों पर सट्टा, कैसीनो जैसी गेम्स या दूसरे ऑनलाइन जुआ खेलने का मौका मिल जाता है।

Also Read: क्या अब ‘डिजिटल फ्रॉड’ का डर होगा खत्म? RBI के नए नियम से कैसे बचेगी आपकी मेहनत की कमाई

पैसे निकालने में आती है मुसीबत

कामथ के मुताबिक, असली खतरा तब सामने आता है जब जीतने वाले पैसे निकालने की कोशिश करते हैं। कई यूजर्स शिकायत करते हैं कि विड्रॉल में दिक्कत होती है, पैसे नहीं मिलते या अकाउंट ब्लॉक हो जाते हैं। चूंकि ये ऑपरेटर्स भारत के बाहर बैठे हैं, इसलिए कानूनी मदद लेना मुश्किल हो जाता है। भारतीय रेगुलेटर्स या कोर्ट में केस लड़ना आसान नहीं।

UPI एक्सेस क्यों चिंता की बात

कामथ का कहना है कि इन ऐप्स को रोकने का सबसे आसान तरीका है पैसे भेजने-लाने को मुश्किल बनाना। अगर इनको UPI इस्तेमाल करने से रोका जाए और बैंक ऐसे संदिग्ध मर्चेंट अकाउंट्स को ब्लॉक करें, तो इनका कारोबार खुद-ब-खुद कम हो सकता है।

बता दें कि डिजिटल पेमेंट्स की सुविधा से रोजमर्रा के काम आसान हो गए हैं, लेकिन यही सुविधा अनरेगुलेटेड एक्टिविटीज में भी तेजी से एंट्री दे रही है। छोटी रकम और आसान साइन-अप से शुरू होने वाले ये प्लेटफॉर्म्स पहले तो एकदम सही लगते हैं, लेकिन एक बार पैसे भारत के रेगुलेटेड सिस्टम से बाहर चले जाएं, तो वापस लाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

Advertisement
First Published - March 9, 2026 | 5:56 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement