Financial Changes From September 1: सितंबर की शुरुआत के साथ कई ऐसे नियम और दरें बदल सकती हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। बैंकिंग, LPG सिलेंडर, टैक्स, क्रेडिट कार्ड, यात्रा और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़े बदलाव आपकी बचत और रोजमर्रा के खर्च को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ बदलावों से खर्च बढ़ सकता है, जबकि कुछ मामलों में लोगों को राहत भी मिल सकती है।
ऐसे में जरूरी है कि सितंबर में लागू होने वाले नियमों और संभावित बदलावों की जानकारी पहले से रखी जाए। अगर किसी जरूरी प्रक्रिया की अंतिम तारीख नजदीक है, तो उसे समय रहते पूरा करना बेहतर होगा, ताकि अतिरिक्त शुल्क या किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए e-KYC से जुड़ी समयसीमा बढ़ाई गई है। जिन ग्राहकों ने 23 अगस्त तक अपनी e-KYC पूरी नहीं की थी, उन्हें अब 31 अगस्त तक यह प्रक्रिया पूरी करने का मौका दिया गया है।
1 सितंबर से e-KYC पूरी करने की यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। LPG कनेक्शन की e-KYC के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी है। समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर घरेलू दर पर LPG सिलेंडर मिलने में परेशानी हो सकती है।
Indian Oil, HPCL और BPCL की ओर से भी ग्राहकों को e-KYC जल्द पूरा करने की सलाह दी गई है। जिन ग्राहकों की प्रक्रिया अभी बाकी है, उन्हें नई समयसीमा की जानकारी मैसेज के जरिए भी दी जा सकती है।
हर महीने की शुरुआत में तेल कंपनियां LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में सितंबर की शुरुआत में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। अगर कीमत बढ़ती है तो इसका सीधा असर घरेलू बजट और कारोबारियों के खर्च पर पड़ेगा, जबकि कीमत घटने पर उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
सितंबर में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD की ब्याज दरों में भी बदलाव हो सकता है। ब्याज दर घटने पर नई FD कराने वाले ग्राहकों को पहले की तुलना में कम रिटर्न मिल सकता है। वहीं, दरों में बढ़ोतरी होने पर निवेशकों की ब्याज आय बढ़ सकती है।
FD में पैसा लगाने की योजना बना रहे लोगों को निवेश से पहले बैंक की नई ब्याज दरों और अवधि की तुलना जरूर करनी चाहिए।
एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों की भी हर महीने समीक्षा होती है। सितंबर में इसकी कीमत में बदलाव होने पर विमानन कंपनियों की लागत प्रभावित हो सकती है। इसका असर आगे चलकर हवाई किरायों पर भी देखने को मिल सकता है, हालांकि किराया कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।
ATM से जुड़े शुल्क में भी बदलाव की संभावना पर नजर रहेगी। अगर बैंक या संबंधित संस्थाएं शुल्क में बदलाव करती हैं, तो तय सीमा से अधिक ATM ट्रांजैक्शन करने वाले ग्राहकों के खर्च पर इसका असर पड़ सकता है। इसलिए सितंबर की शुरुआत में अपने बैंक के नए ATM शुल्क और नियमों की जानकारी जरूर जांच लें।
सितंबर में लागू होने वाले इन बदलावों का असर अलग-अलग तरीके से लोगों की जेब पर पड़ सकता है। LPG की कीमत, FD का ब्याज, ATM शुल्क और हवाई यात्रा की लागत जैसे बदलाव सीधे खर्च और बचत को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि महीने की शुरुआत में नई दरों और नियमों की जानकारी लेकर ही वित्तीय फैसले किए जाएं।